राजस्थान

मिलावट के खिलाफ राजस्थान सरकार का अभियान तेज, चोखी ढाणी पर कार्रवाई

Saba Naaz
18 July 2026 5:33 PM IST
मिलावट के खिलाफ राजस्थान सरकार का अभियान तेज, चोखी ढाणी पर कार्रवाई
x

जयपुर। राजस्थान में आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चलाए जा रहे शुद्ध खाद्य मिलावट रोधी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार निरीक्षण और जांच कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत जयपुर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चोखी ढाणी में खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार, चोखी ढाणी में यह कार्रवाई 181 जनसुनवाई पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत प्राप्त होने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर द्वितीय के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और परिसर में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और अन्य मानकों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान टीम को खानपान से जुड़े कई मामलों में अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद विभाग ने नियमों के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

राज्य सरकार का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी मामला उसकी प्राथमिकता में शामिल है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी नीति के तहत प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों, डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच कर रही हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य केवल मिलावटखोरों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और गुणवत्ता के तय मानकों का पालन कराने के लिए भी प्रेरित करना है। विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आम जनता तक पहुंचने वाली खाद्य सामग्री सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हो।

राजस्थान सरकार ने शिकायतों के लिए 181 जनसुनवाई पोर्टल की व्यवस्था भी की है। इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी नागरिक खाद्य पदार्थों की खराब गुणवत्ता या मिलावट से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचती है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाती है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और आम लोगों की भागीदारी भी मजबूत हुई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि जिन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान पर जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर मामलों में लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।

चोखी ढाणी जैसी बड़ी और प्रसिद्ध जगह पर हुई कार्रवाई के बाद खाद्य कारोबारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर मिलावट या खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री की बिक्री को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राजस्थान सरकार की यह पहल प्रदेश में सुरक्षित खाद्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लगातार हो रही जांच और कार्रवाई से जहां मिलावटखोरों में डर का माहौल है, वहीं आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने की उम्मीद बढ़ी है। सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान में हर नागरिक को शुद्ध, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

Next Story