
राजस्थान | राजस्थान आज नवरात्र के साथ ही अपना स्थापना दिवस मना रहा है। 30 मार्च 1949 को जब विभिन्न रियासतों का विलय हुआ, तब जाकर राजस्थान एक एकीकृत राज्य बना। इस सफर में सात प्रमुख चरणों में राजस्थान ने अपनी वर्तमान पहचान हासिल की।
कैसे बना राजस्थान? सात चरणों का सफर
मार्च 1948 – सबसे पहले अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली को मिलाकर ‘मत्स्य संघ’ बनाया गया।
अप्रैल 1948 – कोटा, बूंदी, डूंगरपुर, झालावाड़ और अन्य राज्यों को मिलाकर राजस्थान संघ बना।
मार्च 1949 – जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर को मिलाकर ‘बड़ा राजस्थान’ बना।
मई 1949 – मत्स्य संघ का राजस्थान में विलय हुआ।
जनवरी 1950 – सिरोही राज्य (आबू और दिलवाड़ा को छोड़कर) राजस्थान का हिस्सा बना।
नवंबर 1956 – अजमेर-मेरवाड़ा और अन्य छोटे क्षेत्रों को जोड़कर राजस्थान को पूर्ण स्वरूप दिया गया।
आधुनिक राजस्थान – 1956 में अंतिम रूप से वर्तमान राजस्थान का निर्माण हुआ।
कैसे मनाया जा रहा है राजस्थान दिवस?
प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जयपुर में अल्बर्ट हॉल, विद्याधर नगर स्टेडियम और आमेर किले पर रंगारंग कार्यक्रम होंगे। ऐतिहासिक धरोहरों को प्रकाश सज्जा से रोशन किया गया है।
नवरात्र के साथ धार्मिक उत्सव भी जोश में
संयोग से इस बार चैत्र नवरात्रि भी साथ में मनाई जा रही है। दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, और मां दुर्गा की आराधना के साथ प्रदेशवासी राजस्थान दिवस का जश्न मना रहे हैं।





