राजस्थान

राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंच गौरव योजना पर की समीक्षा बैठक

SHIDDHANT
1 Jan 2026 8:54 PM IST
राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंच गौरव योजना पर की समीक्षा बैठक
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Jaipur जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को पंच गौरव योजना के क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में योजना के तहत किसानों, ग्रामीणों और युवा उद्यमियों के लिए किए जा रहे विकास कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के उद्देश्यों को तेजी से लागू किया जाए और हर जिले में योजना का प्रभावी लाभ सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पंच गौरव योजना के पांच स्तंभों — कृषि और पशुपालन, ग्रामीण उद्योग और स्वरोजगार, शिक्षा और कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता, तथा पर्यावरण संरक्षण — की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना राजस्थान के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों के सतत विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है, यदि इसे रणनीतिक ढंग से लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के तहत सभी जिलों में किसानों को सस्ती बीज, उन्नत कृषि तकनीक और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही, पशुपालन और मुर्गी पालन के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाया जाए ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो सके। भजनलाल शर्मा ने कहा, "हमारा उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि ग्रामीणों की जीवनशैली और आय में सुधार लाना है।"
बैठक में शिक्षा और कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, व्यवसायिक शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को नई नौकरी और उद्यमिता के रास्ते खुलेंगे और राज्य का ग्रामीण रोजगार बढ़ेगा।
स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयाँ बढ़ाई जाएँ। स्वच्छता अभियान को और व्यापक बनाते हुए, पंचायत स्तर पर सफाई और जल प्रबंधन को बेहतर किया जाएगा।
पंच गौरव योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण स्तंभ पर्यावरण संरक्षण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। योजना के तहत जैविक खाद और प्राकृतिक कीट नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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