
बाड़मेर | राजस्थान के बाड़मेर में लोक संस्कृति और संगीत को बढ़ावा देने के लिए वाणी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस उत्सव में देशभर के जाने-माने लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। यह कार्यक्रम रूमा देवी फाउंडेशन की पहल पर आयोजित किया जा रहा है, जिसका मकसद लोक संगीत और परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है।
लोक संस्कृति को मिलेगी नई पहचान
बाड़मेर अपनी समृद्ध राजस्थानी लोक परंपराओं और संगीत के लिए जाना जाता है। इस उत्सव के जरिए न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा बल्कि अन्य राज्यों के लोक कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
उत्सव में ये रहेंगी खास झलकियां
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लोक संगीत का संगम: राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आए कलाकार लोक धुनों की प्रस्तुति देंगे।
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लोक नृत्य: राजस्थान का घूमर, कालबेलिया और चकरी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
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कला और हस्तशिल्प प्रदर्शन: बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों के कलाकार अपने पारंपरिक हस्तशिल्प और कला का प्रदर्शन करेंगे।
रूमा देवी फाउंडेशन की पहल
लोक कलाकारों को एक पहचान देने और उनकी कला को संरक्षित करने के लिए रूमा देवी फाउंडेशन इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। फाउंडेशन लंबे समय से राजस्थान की हस्तशिल्प कला और लोक संस्कृति को सहेजने के लिए कार्य कर रहा है।
अधिकारियों और आयोजकों की प्रतिक्रिया
फाउंडेशन की अध्यक्ष रूमा देवी ने बताया कि इस आयोजन का मकसद लोक कलाकारों को नया मंच देना और लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना है।
निष्कर्ष
वाणी उत्सव राजस्थान की लोक परंपराओं को सहेजने की एक अनूठी पहल है, जहां संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा। इस आयोजन से स्थानीय कलाकारों को नई पहचान मिलेगी और लोक संगीत की धरोहर को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा।





