राजस्थान

Rajasthan : कीटनाशकों के संपर्क से 535 किसानों की मौत

Kavita2
7 Jun 2026 11:46 AM IST
Rajasthan : कीटनाशकों के संपर्क से 535 किसानों की मौत
x

Rajasthan राजस्थान: राजस्थान विधानसभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों ने राज्य में रासायनिक खेती और कीटनाशकों के उपयोग से जुड़ी गंभीर स्थिति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में यानी जनवरी 2024 से जनवरी 2026 के बीच खेतों में काम करते समय कीटनाशकों के संपर्क में आने से कुल 535 किसानों की मौत दर्ज की गई है।

इन मौतों के साथ ही प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से लगभग 5.1 करोड़ रुपये का मुआवजा भी वितरित किया गया है। आंकड़े यह भी बताते हैं कि इस अवधि में 189 कीटनाशक सैंपल घटिया पाए गए, जिससे कृषि सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कृषि विभाग द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक मौतें बीकानेर जिले में दर्ज की गईं, जहां 57 किसानों की जान गई। इसके बाद चुरू में 56, हनुमानगढ़ और झालावाड़ में 42-42 मौतें हुईं। जोधपुर में 38 किसानों की मौत दर्ज की गई, जबकि श्रीगंगानगर और ब्यावर में 31-31 मामलों की पुष्टि हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति मुख्य रूप से रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक और असुरक्षित उपयोग, सुरक्षा उपकरणों की कमी और जागरूकता के अभाव से जुड़ी हो सकती है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के सीधे खेतों में स्प्रे करते हैं, जिससे जहरीले रसायनों का असर शरीर पर तेजी से पड़ता है।

विधानसभा में पेश इन आंकड़ों के बाद विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा है और कहा है कि कृषि क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। साथ ही कीटनाशकों की गुणवत्ता की नियमित जांच और किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसानों की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। इनमें जागरूकता अभियान, सुरक्षित स्प्रे तकनीक का प्रशिक्षण और घटिया कीटनाशकों पर सख्त कार्रवाई शामिल है।

हालांकि, आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अभी भी जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक सही जानकारी और संसाधनों की पहुंच एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

यह मामला राजस्थान में कृषि नीतियों, रासायनिक खेती के प्रभाव और किसान सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस को जन्म दे रहा है, जहां विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि दोनों ही सुधार की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

Next Story