
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में यूजीसी रेगुलेशंस 2026 के विरोध में करणी सेना की ओर से आयोजित रैली के बाद एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। संगठन ने मंगलवार को दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के कारण प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। हालांकि, मामले में आधिकारिक जांच और पुलिस पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
करणी सेना ने सोमवार को जयपुर में यूजीसी रेगुलेशंस 2026 को वापस लेने समेत सवर्ण समाज से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर रैली और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। रैली के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और मांगों को पूरा करने की अपील की गई।
संगठन के नेताओं के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा निवासी देवराज सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। करणी सेना का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई स्थिति के कारण उनकी तबीयत खराब हुई। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के मुताबिक, निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद देवराज सिंह को बेहतर इलाज के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद करणी सेना के नेताओं और समर्थकों ने दुख जताया तथा मामले की जांच की मांग की।
करणी सेना के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में देवराज सिंह प्रभावित हुए। संगठन का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा था और पुलिस की कार्रवाई के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, पूरे मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से विस्तृत बयान का इंतजार है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल जांच और अन्य तथ्यों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा। अधिकारियों द्वारा घटना के सभी पहलुओं की जांच किए जाने की संभावना है।
यूजीसी रेगुलेशंस 2026 को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न संगठनों और समूहों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नए नियमों से सामाजिक और शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर करणी सेना ने जयपुर में रैली आयोजित की थी।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की ओर से किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे। हालांकि, प्रदर्शन के बाद एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आने से मामला गंभीर हो गया है।
देवराज सिंह की मौत के बाद करणी सेना ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन के नेताओं ने कहा कि मृतक के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। कुछ नेताओं ने घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि कुछ ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की आवश्यकता बताई है।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाना है। प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं, पुलिस की भूमिका और प्रदर्शनकारी की स्वास्थ्य स्थिति से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल जयपुर में हुई इस घटना के बाद यूजीसी रेगुलेशंस 2026 के विरोध को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। करणी सेना ने अपने प्रदर्शनकारी की मौत को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





