राजस्थान

Pratapgarh: जिला कलेक्टर ने दी जिलेवासियों को होली की शुभकामनाएं

Tara Tandi
12 March 2025 5:08 PM IST
Pratapgarh: जिला कलेक्टर ने दी जिलेवासियों को होली की शुभकामनाएं
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Pratapgarh प्रतापगढ़ । जिला कलेक्टर ने सभी जिलेवासियों को रंगों और खुशियों के महापर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा कि होली का त्यौहार आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने अपील की है कि इस पर्व को पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ मनाएँ।
उन्होंने कहा कि होली खेलते समय हर्बल गुलाल का अधिक प्रयोग करें ताकि हमारे पर्यावरण को कोई नुकसान न हो। साथ ही स्थानीय उत्पादों को अपनाकर "वोकल फॉर लोकल" अभियान को आगे बढ़ाएँ। राजीविका से जुड़े स्वयं-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता दें और अपने घरों को सजाने के लिए पारंपरिक माण्डना कला का उपयोग करें। यदि आप हर्बल गुलाल खरीदना चाहते हैं, तो मोबाइल नंबर 9358715562, 9660394518 या 9653974595 पर राजिविका स्वयं सहायता समूह से संपर्क कर सकते है। इससे न केवल हमारे क्षेत्र की कला को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय कलाकारों विशेषकर महिलाओं को आजीविका का अवसर मिलेगा और उनकी आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भावनाओं का सम्मान करें और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखें। इस होली पर खुशियों के रंग बिखेरें।
होली पर पशुओं का विशेष रखे ध्यान
प्रतापगढ़ 12 मार्च। डॉ श्रीनिवास सांवले संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग प्रतापगढ़ ने होली पर्व के अवसर पर पशुओं की सुरक्षा का आग्रह किया हैं। उन्होने बताया है कि होली रंगों एवं उल्लास का त्यौहार है। इस दौरान पशुओं को रंग गुलाल या पानी डालकर परेशान करना अनुचित हैं, इससे पशु भयभीत हो सकते है। आंखों में गुलाल या रंग जाने से आंखों में जलन एवं दृष्टिगोचर की संभावना रहती हैं, जो पशुकुरता की श्रेणी में आता हैं। डॉ श्रीनिवास ने बताया है कि पशुओं को पानी पिलाने की कुंडी रसायनिक रंगो का ना डालने की सलाह दी गयी हैं, जिससे पशुओं को पेट सम्बन्धित रोगो को होने से बचाया जा सकें। रंगों से पशुओं को कोई हानि होने पर नजदीकी पशुचिकित्सालय में सम्पर्क करें।
"बेस्ट ट्यूरिज्म विलेज प्रतियोगिता... ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास"
प्रतापगढ़,12 मार्च। पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बेस्ट टूरिज्म विलेज 2025 प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देश भर में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सृजन और स्थानीय लोगों को पर्यटन एवं पर्यटकों के प्रति जागरूक करने का भी उद्देश्य है।
गत वर्ष 2023 एवं 2024 में भी भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें राजस्थान के उदयपुर जिले का मेनार, धौलपुर का नौरंगाबाद गांव और ब्यावर जिले का देवमाली पुरस्कृत हुए थे ।
इस वर्ष पुनः यह प्रतियोगिता पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित की जा रही है जिसमें ऐसे गांव जहां की आबादी पंद्रह हजार से कम है, जहां पर्यटकों का आवागमन है, ऐतिहासिक धरोहर है, हस्तकला, लोककला, धार्मिक स्थल आदि प्रसिद्ध हैं एवं पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, वह गांव इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। श्रेष्ठ गाँव का चयन वहां के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत एवं उसको सहेजने हेतु किये जा रहे प्रयासों, कनेक्टिविटी, गाँव की विशिष्ठ कला, पर्यटन बढ़ाने हेतु किये जा रहे प्रयासों आदि के आधार पर किया जायेगा l विस्तृत जानकारी पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की निचे दी गई वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है l
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की वेबसाइट https://onlinetracker.tourism.gov.in/BTA/View/Default.aspx पर आवेदन करना होगा । आवेदन की अंतिम तारीख 15 मार्च है।
यह आवेदन स्थानीय ग्राम पंचायत, पंचायत समिति अथवा वहां कार्यरत एनजीओ द्वारा किया जा सकता है।
सहायक निदेशक, पर्यटन विवेक जोशी ने बताया की केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की कला संस्कृति, आव-भगत, विरासत, ऐतिहासिक धरोहर आदि से पर्यटकों को रूबरू कराने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। विजेता गांव के लिए पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से विकास के लिए योजनाएं तैयार की जाएगी जिससे यह पर्यटकों को और अधिक संख्या में आकर्षित कर सकें।
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