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Rajasthan राजस्थान: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कांग्रेस और यूपीए सरकार पर मनरेगा योजना को लेकर तीखा हमला बोला है। सीकर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार से जुड़ा यह विधेयक मूल रूप से देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम पर लाया गया था, लेकिन यूपीए सरकार ने चुनावी फायदे के लिए इसका नाम बदलकर महात्मा गांधी के नाम पर कर दिया। अरुण सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महापुरुषों के नामों का राजनीतिक इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार ने महात्मा गांधी के नाम का उपयोग केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए किया, जबकि जमीनी स्तर पर योजना की स्थिति लगातार खराब होती चली गई। आज हालात यह हैं कि मनरेगा देश की सबसे बदनाम योजनाओं में गिनी जाने लगी है।
भाजपा नेता ने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार सृजन करना, गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना था। लेकिन कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में यह योजना भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और बिना काम के भुगतान जैसी समस्याओं का शिकार हो गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज मनरेगा को आम लोग “सिर्फ गड्ढे खोदने और भरने की योजना” के रूप में जानते हैं। अरुण सिंह ने दावा किया कि मनरेगा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन गांवों में स्थायी संपत्तियों का निर्माण नहीं हो पाया। न तो सिंचाई व्यवस्था मजबूत हुई और न ही रोजगार के स्थायी अवसर पैदा हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस योजना को गरीबों के उत्थान के बजाय अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग का माध्यम बना लिया।
भाजपा महासचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास की दिशा में ईमानदार प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का फोकस केवल मजदूरी देने पर नहीं, बल्कि गांवों में सड़क, आवास, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे स्थायी विकास कार्यों पर है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ योजनाओं को लागू कर रही है, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। अरुण सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि आज भी वह केवल नाम बदलने और घोषणाओं की राजनीति तक सीमित है, जबकि भाजपा जमीन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब सच्चाई को समझ चुकी है और विकास व सुशासन की राजनीति को ही समर्थन दे रही है। अपने संबोधन के अंत में अरुण सिंह ने कहा कि भाजपा ग्रामीण भारत को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में और ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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