राजस्थान

पुलिस ने नकली बाइक ट्यूब फैक्ट्री पर मारा छापा

Admin4
18 Aug 2023 1:54 PM GMT
पुलिस ने नकली बाइक ट्यूब फैक्ट्री पर मारा छापा
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दौसा। दौसा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के गढ़ गांव में रबर उद्योग फैक्ट्री छापे की कार्रवाई हुई। यहां एक नामी कंपनी की नकली ट्यूब बनाकर मार्केट में धड़ल्ले से खपाई जा रही थी। फैक्ट्री पर छापे की कार्रवाई 5 साल में तीसरी बार हुई, ऐसे में छापे के दौरान कई चौंकाने वाले फैक्ट सामने आए हैं। यहां दौसा-लालसर रोड़ पर संचालित फैक्ट्री में एमआरएफ कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस जाप्ते के साथ छापा मारा। फैक्ट्री में करीब 5 हजार नकली ट्यूब व कच्चा माल, ट्यूब बनाने की मशीन डाई, मशीन मोहर, ट्यूब पैक करने के नकली रैपर सहित अन्य सामान मिला तो कंपनी के अधिकारी भी चौंक गए‌। छापे की कार्रवाई के दौरान मजदूर नकली ट्यूब बना रहे थे।
दरअसल एमआरएफ कंपनी के अधिकारियों को गढ़ गांव में रबर उद्योग फैक्ट्री में कंपनी के नाम की नकली ट्यूब बनाने की शिकायत मिली थी। इस पर कंपनी के डायरेक्टर लीगल सेल सुरेंद्र कुमार ने पुलिस के साथ पहुंचकर छापा मारा। जहां एक टीनशैड के हाल में मजदूर रबर ट्यूब बनाते मिले। कंपनी के अधिकारियों ने ट्यूब की जांच की तो एमआरएफ कंपनी के होलमार्क छपी बाइक की ट्यूब मिली। कंपनी के अधिकारियों व फैक्ट्री वर्करों के बीच कहासुनी भी हुई। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के घर भी दबिश दी है, लेकिन मालिक फरार हो गया। फैक्ट्री मालिक भीकाराम महावर के खिलाफ रिपोर्ट दी है।
रबर फैक्ट्री से बड़ी तादात में नकली ट्यूब बनाने का सामान व नामी कंपनी के लेबल व रैपर बरामद हुए हैं। 5 साल में तीसरी बार कार्रवाई पुलिस ने बताया कि शिव रबर उद्योग फैक्ट्री पर साल 2018 में भी नकली ट्यूब बनाने की शिकायत पर छापा मारा गया था। उस दौरान भी फैक्ट्री में एमआरएफ कंपनी की 6 हजार नकली ट्यूब मिली थी। इसके बाद 6 अगस्त 2021 को हुई कार्रवाई के दौरान 7 हजार नकली एमआरएफ ट्यूब, डाई मशीनें सहित भारी मात्रा में सामान मिला था। 17 अगस्त को हुई कार्रवाई में भी 5 हजार नकली ट्यूब बरामद हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में खपा रहे थे नकली ट्यूब यहां बनने वाली नकली ट्यूब को दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर व भरतपुर जिलों के ग्रामीण इलाकों में नामी कंपनी की बताकर खपाया जा रहा था। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब पूर्व में फैक्ट्री पर दो बार कार्रवाई हो चुकी और पुलिस थाने में भी प्रकरण दर्ज करवाया गया। इसके बावजूद संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, साथ ही फैक्ट्री में नकली ट्यूब का निर्माण भी किसकी शह पर जारी रहा।
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