राजस्थान
भारत-पाक बॉर्डर पर पुलिस का छापा, 20 करोड़ की हेरोइन बरामद
Rajeshwari Nishad
19 Oct 2026 11:46 PM IST

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श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रोन के माध्यम से भेजी गई करीब चार किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने हेरोइन की खेप लेने पहुंचे पंजाब के दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बीकानेर रेंज में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत की गई है।
पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में हेरोइन की खेप भेजी गई थी। आरोपियों को इसे उठाकर आगे पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के फाजिल्का जिले के निवासी जसविंदर सिंह और जसवंत सिंह के रूप में हुई है। इनमें जसवंत सिंह पहले से तस्करी के मामलों में वांछित बताया जा रहा है।
रावला इलाके से बरामद हुई हेरोइन
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रीगंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र में पंजाब के दो व्यक्ति पाकिस्तान की ओर से ड्रोन से गिराई गई हेरोइन की खेप लेने पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
18 अक्टूबर को रावला थाना क्षेत्र के 365 हेड इलाके में पुलिस ने दोनों संदिग्धों को पकड़ने की कार्रवाई की। पुलिस टीम को देखकर आरोपी वहां से निकलने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से आठ पैकेट बरामद हुए। इनमें कुल चार किलो 132 ग्राम हेरोइन मिली। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हुई
श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसविंदर सिंह पुत्र जागीर सिंह और जसवंत सिंह पुत्र नारायण सिंह के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 40 वर्ष है और वे पंजाब के फाजिल्का जिले के चालावली गांव के निवासी हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जसवंत सिंह के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि हेरोइन की खेप किसने भेजी थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई थी खेप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हेरोइन की खेप पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में गिराई गई थी। इसे लेने के लिए पंजाब से दोनों आरोपी श्रीगंगानगर पहुंचे थे।भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के कई इलाकों में पिछले कुछ समय से ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थ और हथियार भेजने की घटनाएं सामने आती रही हैं।ऐसे मामलों में सीमा पार से आने वाली खेप को भारतीय क्षेत्र में मौजूद स्थानीय सहयोगियों के जरिए उठाए जाने की बात सामने आती है।इस मामले में पुलिस यह जांच कर रही है कि हेरोइन की खेप भेजने वाले व्यक्तियों और गिरफ्तार आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क स्थापित किया गया था।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता
बीकानेर रेंज पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' चलाया है। इस अभियान के तहत श्रीगंगानगर के अलावा हनुमानगढ़ जिले में भी बड़ी कार्रवाई की गई।हनुमानगढ़ के गोलूवाला थाना क्षेत्र में पुलिस ने चार संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार कर नौ किलो 821 ग्राम हेरोइन बरामद की। इस दौरान दो लग्जरी वाहन और एक लाख 85 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए।दोनों जिलों की कार्रवाइयों को मिलाकर पुलिस ने कुल 13 किलो 953 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 38 करोड़ रुपये बताई गई है।इन कार्रवाइयों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश के निर्देशन में यह अभियान संचालित किया गया।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती चुनौती
श्रीगंगानगर जिला भारत-पाकिस्तान सीमा से लगा हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी करती हैं।इसके बावजूद ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी के प्रयास सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं।ड्रोन तकनीक का दुरुपयोग करके सीमा पार से हेरोइन, हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं।
इसी महीने श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रोन से गिराए गए संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ, विदेशी पिस्तौल और कारतूस भी सुरक्षा एजेंसियों ने बरामद किए थे। उस मामले में भी पंजाब के दो व्यक्तियों को पकड़ा गया था।
तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के संपर्कों और मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि पाकिस्तान से भेजी गई खेप को राजस्थान से पंजाब या अन्य राज्यों में पहुंचाने की योजना थी या नहीं।इसके अलावा आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में अन्य कितने लोग शामिल हैं।
नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
राजस्थान पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जाएगी।पुलिस का प्रयास है कि केवल हेरोइन की खेप लेने वाले आरोपियों तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि इसे भेजने और आगे आपूर्ति करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए।
श्रीगंगानगर में चार किलो से अधिक हेरोइन की बरामदगी और पंजाब के दो आरोपियों की गिरफ्तारी को सीमा पार नशा तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद तस्करी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।
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