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ALWAR अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र के कुंडला गांव में दो व्यापारियों से हुई लूटपाट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने पूरे क्षेत्र में जुलूस के रूप में घुमाया ताकि लोग देख सकें और अपराधियों में खौफ पैदा हो सके। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक गाड़ी और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और कई अन्य वारदातों में भी शामिल हो सकता है। पूछताछ के आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कई और मामलों का पर्दाफाश होगा।
जानकारी के मुताबिक, 17 अगस्त को टहला थाना क्षेत्र के तालाब गांव निवासी अनिल प्रजापत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जब वे अपने बड़े भाई राजेन्द्र प्रजापत के साथ दुकान से लौट रहे थे, तभी अज्ञात बदमाशों ने रास्ते में उन्हें रोककर लूटपाट की। दोनों भाई अलवर क्षेत्र में "बालाजी मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर" नाम से दुकान चलाते हैं। लूट की वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। व्यापारियों और स्थानीय लोगों में रोष था कि पुलिस जल्द कार्रवाई करे। घटना की गंभीरता को देखते हुए टहला पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और बदमाशों की तलाश तेज कर दी।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आठ बदमाशों की पहचान की और उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों को थाने लाने के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ने पहले से योजना बनाकर व्यापारियों को निशाना बनाया था। पुलिस ने बदमाशों का जुलूस गांव में निकालकर लोगों को संदेश दिया कि अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई पुलिस की सख्ती और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। इस कार्रवाई में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार और एक मोटरसाइकिल को भी जब्त किया है। माना जा रहा है कि इन वाहनों का उपयोग बदमाश कई अन्य घटनाओं में भी कर चुके हैं। फिलहाल जब्त गाड़ियों की जांच की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये वाहन चोरी के हैं या किसी अन्य नाम से रजिस्टर्ड हैं।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले अनिल प्रजापत और उनके भाई राजेन्द्र प्रजापत मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर चलाते हैं। पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों भाइयों ने मार्च-अप्रैल 2025 में "मैक्सी" नामक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि लूटपाट की इस घटना का सीधा संबंध उनके निवेश से है या नहीं। पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है। इस वारदात के बाद टहला थाना पुलिस ने क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है। गांव-गांव में पुलिस टीम सक्रिय की गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों के पकड़े जाने के बाद लोगों को राहत मिली है, लेकिन पुलिस अपनी कार्रवाई को आगे भी जारी रखेगी ताकि ऐसे गिरोह फिर से सक्रिय न हो सकें।
गांव में बदमाशों के जुलूस निकाले जाने की कार्रवाई को लेकर लोगों ने पुलिस की सराहना की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे अपराधियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके। व्यापारी वर्ग ने भी पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया और भरोसा जताया कि अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्यवाही से क्षेत्र में अमन-चैन कायम रहेगा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आठों बदमाशों से गहन पूछताछ चल रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह के तार अन्य अपराधों से भी जुड़ सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
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