राजस्थान

झालावाड़ रोड पर स्मार्ट डस्टबीन की हुई दुर्दशा, 35 लाख गए डस्टबीन में

Admin Delhi 1
15 Dec 2022 2:33 PM GMT
झालावाड़ रोड पर स्मार्ट डस्टबीन की हुई दुर्दशा, 35 लाख गए डस्टबीन में
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कोटा न्यूज़: स्मार्ट सिटी कोटा को सफाई के क्षेत्र में भी स्मार्ट दिखाने के लिए नगर निगम कोटा ने लाखों रुपए खर्च कर डस्टबीन बनवाकर मेन रोड पर लगवाए थे। लेकिन बिना उपयोग हुए ही वे पहले तो दुर्दशा के शिकार हुए और अब पूरी तरह से कई तो गायब ही हो गए हैं। स्मार्ट डस्टबीन की सबसे अधिक बुरी हालत झालावाड़ रोड पर देखने को मिली है। जहां स्टील के ये डस्टबीन लगाने के कुछ दिन बाद से ही चोरों की भेंट चढ़ना शुरू हो गए थे। छावनी चौराहे से लेकर कोटड़ी चौराहे के बीच तीन डस्टबीन लगाए गए थे। जिनमें से एक एलआईअी बिलिडंग के सामने, दूसरा होटल के सामने व तीसरा बैंक के सामने। लेकिन ये तीनों डस्टबीन लगने के बाद उनके एक-एक कर दोनों डिब्बे ही चोरी हो गए। जिससे उन डस्टबीन का उपयोग ही नहीं हो सका। कचरा अब भी सड़क पर ही डल रहा है। हालत यह है कि उनमें से भी होटल व बैंक के सामने वाले डस्टबीन के तो ढांचे भी गायब हो गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ी करने के कारण उन डस्टबीन के ढाचों को वहां से हटा दिया है जबकि कुछ का कहना है कि वे ढांचे भी चोरों के हवाले हो गए हैं। डस्टबीन की यही हालत दादाबाड़ी हो या घोड़ा चौराहा सभी जगह पर एक जैसी है।

35 हजार रुपए एक की कीमत: नगर निगम कोटा दक्षिण ने स्टील के इन स्मार्ट डस्टबीन को विशेष रूप से बनवाया था। प्रति डस्टबीन की कीमत करीब 35 हजार रुपए है। निगम ने ऐसे करीब 100 डस्टबीन बनवाए थे। जिनकी कुल कीमत करीब 35 लाख से अधिक रही। इन डस्टबीन का उपयोग ऐसी जगह पर किया जाना था जहां कचरा उठने के बाद हल्का-फुल्का कचरा डलता है। हर डस्टीन में दो डिबबे लगाए गए थे। जो ऊपर से ढके हुए थे। इन डस्टबीन को रोजाना खाली करने की व्यवस्था की जानी थी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जिससे अधिकतर डस्टबीेन की दुर्दशा व चोरी होने से जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपए बर्बाद हो गए।

इनका कहना है: नगर निगम के अच्छी सोच के साथ इस तरह के स्मार्ट डस्टबीन विशेष रूप से तैयार करवाए थे। लेकिन निगम अधिकारियों ने बिना उनकी जानकारी के दिखावे के लिए उन्हें बिना किसी योजना के मेन रोड पर लगा दिया। उनकी देखभाल व सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिससे डस्टबीन की दुर्दशा हो गई है। जबकि उनके अनुसार हर वार्ड में दो-दो डस्टबीन दिए जाते। उनकी सुरक्षा व कचरा उठाने की व्यवस्था की जाती तो इनकी दुर्दशा नहीं होती। अधिकारी अपनी मन मर्जी से काम कर रहे हैं।

- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण

झालावाड़ रोड समेत जिन भी जगह पर इस तरह के डस्टबीन लगाए ेगए थे। वहां से उनके डिब्बे चोरी होने की सूचना मिलीे तो संबंधित थाने में निगम की ओर से चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।

- राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण

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