राजस्थान

एयर इंडिया की फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट से हड़कंप

Ratna Netam
14 Oct 2026 3:40 PM IST
एयर इंडिया की फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट से हड़कंप
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जयपुर। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट AI-2030 में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को हाईजैक की आशंका का सिग्नल मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। विमान को तत्काल जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया, जहां सुबह करीब 9:35 बजे उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की व्यापक तलाशी ली। जांच में किसी तरह का खतरा सामने नहीं आने के बाद विमान को दोपहर में दिल्ली के लिए रवाना होने की मंजूरी दे दी गई।अधिकारियों के अनुसार, एयर इंडिया की इस फ्लाइट में 306 यात्री सवार थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित बताया गया है। सुरक्षा अलर्ट मिलने के बाद एयरपोर्ट पर निर्धारित आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन किया गया और विमान को जांच के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया।
हाईजैक अलर्ट मिलते ही सक्रिय हुईं सुरक्षा एजेंसियां
जानकारी के मुताबिक, फ्रैंकफर्ट से दिल्ली की ओर उड़ान भर रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 ने रास्ते में 'Squawk 7500' कोड भेजा था। यह अंतरराष्ट्रीय विमानन व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाला विशेष ट्रांसपोंडर कोड है, जो विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैक की स्थिति का संकेत देता है।जैसे ही संबंधित एयर ट्रैफिक कंट्रोल को यह सिग्नल मिला, विमान की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए गए। इसके बाद फ्लाइट को दिल्ली के बजाय जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारने का निर्णय लिया गया।विमान ने सुबह करीब 9:35 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विमान की जांच शुरू कर दी।
विमान को अलग स्थान पर ले जाकर की गई तलाशी
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद विमान को एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे में ले जाया गया। यह स्थान सुरक्षा संबंधी आपात स्थितियों में विमानों की जांच के लिए इस्तेमाल किया जाता है।सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की विस्तृत जांच की और किसी संभावित खतरे की मौजूदगी का पता लगाने का प्रयास किया।इस दौरान यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें एयरपोर्ट टर्मिनल में ले जाया गया।अधिकारियों ने बताया कि विमान में किसी संदिग्ध वस्तु या वास्तविक हाईजैक की पुष्टि नहीं हुई।
क्या होता है Squawk 7500 सिग्नल?
विमानन क्षेत्र में 'Squawk 7500' एक विशेष आपातकालीन कोड है। इसे विमान के ट्रांसपोंडर के माध्यम से भेजा जाता है।यह कोड आमतौर पर तब इस्तेमाल किया जाता है, जब किसी विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या अपहरण जैसी स्थिति का खतरा हो।कोड मिलने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो जाती हैं तथा संबंधित विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाती है।हालांकि, इस कोड के सक्रिय होने का अर्थ यह नहीं है कि विमान का अपहरण वास्तव में हो चुका है। किसी तकनीकी या मानवीय गलती के कारण भी ऐसा अलर्ट जारी हो सकता है।
गलती से अलर्ट जारी होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में हाईजैक का संकेत संभवतः गलती से सक्रिय हुआ था। अधिकारियों ने आशंका जताई कि पायलट की ओर से यह कोड अनजाने में जारी हो सकता है।हालांकि, अलर्ट जारी होने की वास्तविक वजह जांच का विषय है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि सिग्नल किन परिस्थितियों में सक्रिय हुआ था।इस मामले में किसी वास्तविक हाईजैक की पुष्टि नहीं हुई है।
एरोड्रोम कमेटी की मंजूरी के बाद रवाना हुई फ्लाइट
विमान की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद एरोड्रोम कमेटी ने स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने और खतरा टलने की पुष्टि के बाद विमान को आगे की उड़ान की अनुमति दी गई।इसके बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 बुधवार दोपहर जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुई।इस घटना के दौरान एयरपोर्ट अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विमानन अधिकारियों ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई की।फिलहाल विमान में किसी वास्तविक सुरक्षा खतरे की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, हाईजैक अलर्ट जारी होने के कारणों की जांच महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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