
सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी शत्रुघ्न सिंह गुर्जर ने सभी छात्राओं को तत्काल ही दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों और शिक्षकों के अनुसार, सोमवार रात हुई तेज बारिश और नमी के कारण चार साल से बंद कमरे की छत गिर गई। हादसे के समय 25 छात्राएं परीक्षा दे रही थीं, जो बाल-बाल बच गईं।
घटना के बाद टोंक से सीबीईओ सुनीता करनानी और बाद में उनियारा एसडीएम शत्रुघ्न गुर्जर और सीबीईओ मौके पर पहुंचे। विद्यालय में लगभग 125 छात्राएं नामांकित हैं। स्कूल के 17 कक्षाओं में से करीब 15 कक्षाएँ जर्जर स्थिति में हैं और भारी बारिश में अधिकांश कमरों की छत टपकती है। प्रधानाचार्य रतन कंवर ने बताया कि उच्च अधिकारियों को स्कूल भवन की स्थिति से अवगत करा दिया गया है। छत गिरने की आवाज सुनकर परिजन और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को संभाला। किसी के हताहत न होने पर सभी ने राहत की सांस ली। सीडीईओ सुशीला करनानी ने कहा कि विद्यालय भवन पुराना और जर्जर है। प्रबंधन समिति को जर्जर कमरे को गिराने का प्रस्ताव पहले ही बनाना चाहिए था। हालांकि, तीन-चार साल से यह कमरा बंद था, लेकिन गिराने की कार्रवाई नहीं की गई। एसडीएम ने बताया कि जिला प्रशासन सतर्क है और जर्जर कमरों को खाली कराकर ताला लगाने के साथ विद्यार्थियों और कर्मचारियों को वहां न जाने की चेतावनी दी गई है। यह हादसा विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति और बारिश के मौसम में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है। प्रशासन ने भविष्य में इसी तरह की घटनाओं से बचने के लिए निगरानी और सतर्कता बढ़ाने का निर्णय लिया है।





