
जयपुर। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने राजस्थान के पृथ्वीपुरा गांव के पास नेशनल हाईवे-25 पर मीडियन ओपनिंग में खराब रंबल स्ट्रिप्स को लेकर हुए विवाद के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने अपने पहले के रुख से हटते हुए संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लापरवाही बरतने के आरोपों के बाद की गई है।
मामला उस समय सामने आया, जब NH-25 पर पृथ्वीपुरा गांव के पास स्थित मीडियन ओपनिंग पर लगाए गए रंबल स्ट्रिप्स की गुणवत्ता और उपयोगिता को लेकर सवाल उठे। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की ओर से शिकायतें सामने आई थीं कि सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए ये स्ट्रिप्स मानकों के अनुरूप नहीं हैं और इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
रंबल स्ट्रिप्स का इस्तेमाल आमतौर पर वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए किया जाता है। इन्हें ऐसे स्थानों पर लगाया जाता है, जहां चालक को गति कम करने या सड़क की स्थिति को लेकर सावधान रहने की जरूरत होती है। खासतौर पर मीडियन ओपनिंग, टोल प्लाजा, स्कूल क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर इनका उपयोग सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जाता है।
शिकायतों के बाद इस मामले की जांच शुरू की गई। शुरुआती दौर में NHAI की ओर से मामले को लेकर अलग रुख सामने आया था, लेकिन बाद में समीक्षा के बाद प्राधिकरण ने जिम्मेदारी तय करने का फैसला किया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की गई।
NHAI अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता मानकों का पालन बेहद जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
NH-25 राजस्थान के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल है, जो कई प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ता है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन चलते हैं। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था का सीधा संबंध यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा है।
पृथ्वीपुरा गांव के पास मीडियन ओपनिंग का इस्तेमाल स्थानीय यातायात और सड़क पार करने के लिए किया जाता है। ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को नियंत्रित गति से चलना जरूरी होता है। यदि यहां लगाए गए सुरक्षा उपकरण प्रभावी नहीं हों, तो दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर छोटी-छोटी तकनीकी कमियां भी बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। इसलिए निर्माण सामग्री, सड़क संकेतों, सुरक्षा अवरोधों और चेतावनी उपकरणों की नियमित जांच आवश्यक है।
NHAI की कार्रवाई को सड़क सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल निर्माण कार्य पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके बाद रखरखाव और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी लगातार निगरानी जरूरी है।
प्राधिकरण की ओर से अब संबंधित स्थान पर सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा किए जाने की संभावना है। खराब रंबल स्ट्रिप्स को ठीक करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
इस मामले ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। देशभर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार और सड़क निर्माण एजेंसियां लगातार नए उपाय अपना रही हैं। ऐसे में हाईवे परियोजनाओं में गुणवत्ता और निगरानी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
NHAI ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी यदि किसी परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
पृथ्वीपुरा के पास NH-25 पर रंबल स्ट्रिप्स विवाद में हुई यह कार्रवाई सड़क परियोजनाओं में जवाबदेही और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है।





