
जयपुर । सामाजिक न्याय एवम् अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि राज सिलिकोसिस पोर्टल पर नवीन मॉड्यूल तैयार किया गया है। इस एप्लीकेशन मॉड्यूल से सिलिकोसिस सहायता से वंचित सिलिकोसिस पीड़ित व्यक्तियों/परिवारों को सहायता राशि मिल सकेगी।
उन्होंने बताया कि न्यूमोकोनियोसिस (सिलिकोसिस) के ऐसे प्रकरण जिनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिलिकोसिस पीड़ित का ऑफलाइन प्रमाण जारी किया गया है एवं पीड़ित वर्तमान में जीवित है। इस प्रकार के प्रकरण अब तक ऑनलाइन नहीं होने के कारण इनमें जीवित सहायता राशि नहीं मिली है। जिन प्रकरणों में पीड़ित की मृत्यु हो गई है तथा पीड़ित का ऑफलाइन सिलिकोसिस प्रमाण पत्र जारी किया हुआ है एवं जनआधार का अभाव है तथा इनके जनआधार पीड़ित के जीवित न होने के कारण बनाये भी नहीं जा सकते है, ऐसे प्रकरणों में मृत्यु सहायता हेतु आवेदन नहीं हो पा रहे है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रकरणों को पोर्टल पर आवेदन कराये जाने/एन्ट्री किये जाने हेतु राज सिलिकोसिस पोर्टल पर नवीन मॉड्यूल तैयार किया गया है। जिसके माध्यम से सिलिकोसिस पीड़ित स्वयं के जनआधार से तथा पीड़ित की मृत्यु होने की दशा में पीड़त के नामित/विधिक उत्तराधिकारी के जनआधार के द्वारा ई-मित्र के माध्यम से सिलिकोसिस पोर्टल पर ऑफलाइन प्रमाण पत्र को पोर्टल पर अपलॉड करवाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस एप्लीकेशन मॉड्यूल से सिलिकोसिस सहायता से वंचित सिलिकोसिस पीड़ित व्यक्तियों/परिवारों को सहायता राशि मिल सकेगी।
Ashwandewangan
प्रकाश सिंह पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में हैं। साल 2019 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा। फिलहाल, प्रकाश जनता से रिश्ता वेब साइट में बतौर content writer काम कर रहे हैं। उन्होंने श्री राम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी लखनऊ से हिंदी पत्रकारिता में मास्टर्स किया है। प्रकाश खेल के अलावा राजनीति और मनोरंजन की खबर लिखते हैं।





