Nagaur: पेपर लीक के कारण भर्ती परीक्षाओं से युवाओं का भरोसा डगमगाया

नागौर: राज्य में लगातार हो रही पेपर लीक घटनाओं से युवाओं में भारी गुस्सा और निराशा है। बेरोजगार युवा ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी उपस्थिति लगातार कम हो रही है। नागौर जिला मुख्यालय पर आज आयोजित परीक्षा में कुल 6089 अभ्यर्थियों में से मात्र 1136 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 4953 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, यानि कुल उपस्थिति मात्र 18.66% रही।
राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर द्वारा आयोजित राजस्व अधिकारी ग्रेड-02 एवं अधिशासी अधिकारी वर्ग-4 पुन: परीक्षा 2022 रविवार को नागौर के 17 परीक्षा केन्द्रों पर दोपहर 12 बजे से आयोजित हुई। परीक्षा समन्वयक एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर चम्पालाल जीनगर ने बताया कि परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए छह केन्द्रों पर फ्लाइंग टीमें गठित की गई। सभी अभ्यर्थियों को गहन सुरक्षा जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति दी गई।
उल्लेखनीय है कि ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा 2022 पहले 14 मई 2023 को आयोजित की गई थी, लेकिन नकल और अनुचित साधनों के कारण इसे रद्द कर दिया गया था। उस समय 111 पदों के लिए 1,96,483 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था। इस बार पुनः आयोजित परीक्षा में युवाओं की रुचि कम रही, जो राज्य में पेपर लीक की घटनाओं के प्रति युवाओं में बढ़ते आक्रोश को दर्शाता है।
राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। परीक्षा में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या, परीक्षा फार्म भरने वालों की संख्या से काफी कम है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ जैसी घटनाएं मानी जा रही हैं।
युवाओं का कहना है कि जब तक पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, वे परीक्षा में बैठने से हिचकिचाएंगे। राज्य सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना होगा ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।





