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Jaipur जयपुर। राजस्थान में नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर को पत्र लिखकर रूस में लापता भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी की मांग की है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और जम्मू से ताल्लुक रखने वाले भारतीय नागरिकों को कथित तौर पर ट्रैवल एजेंटों द्वारा नागरिक रोजगार के झूठे वादे कर धोखाधड़ी के जरिए रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किए जाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। बुधवार को रूस में फंसे ऐसे 24 भारतीय युवाओं के परिजनों ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के अध्यक्ष और नागौर लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात कर अपनी व्यथा साझा की।
मुलाकात के दौरान परिजनों ने अपने प्रियजनों की सुरक्षा और जीवन को लेकर गहरी पीड़ा और चिंता व्यक्त की। परिवारों ने बताया कि संघर्षग्रस्त क्षेत्र में फंसे युवाओं की स्थिति, ठिकाने और कुशलक्षेम की कोई ठोस जानकारी न मिलने से वे गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पिछले कई महीनों से संपर्क टूट जाने के कारण परिवारों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नागौर सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विदेश मंत्रालय द्वारा दिए गए आधिकारिक जवाब का हवाला देते हुए बताया कि इस पूरे मामले में कुल 211 भारतीय नागरिक शामिल पाए गए हैं। इनमें से कुछ के लापता होने की सूचना है, जबकि 27 भारतीय नागरिकों की दुखद रूप से मौत हो चुकी है।
बेनीवाल ने बताया कि अब तक 121 भारतीय नागरिकों को स्वदेश वापस लाया जा चुका है, जबकि 63 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि शेष भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और शीघ्र स्वदेश वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, पीड़ित परिवारों को राहत और सहायता प्रदान की जाए तथा लापता युवाओं की स्थिति को लेकर पारदर्शी और नियमित जानकारी साझा की जाए।
आरएलपी प्रमुख ने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल दिसंबर में उन्होंने केंद्र सरकार से रूस में फंसे भारतीय छात्रों और युवाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए राजनयिक प्रयास तेज करने की मांग की थी। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए इसे एक गंभीर मानवीय संकट बताया था।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों के ये युवक अध्ययन और कार्य वीजा पर रूस गए थे, लेकिन कथित तौर पर ट्रैवल एजेंटों द्वारा उन्हें गुमराह किया गया और बाद में रूस-यूक्रेन युद्ध में सैन्य भूमिकाओं में धकेल दिया गया। उन्होंने कहा कि कई परिवार पिछले तीन से चार महीनों से अपने लापता परिजनों के संपर्क में नहीं हैं, जिससे उनकी चिंता और पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही है।
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