
जयपुर: मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, जेंडर और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों की समझ बढ़ाने के लिए हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय (एचजेयू) और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने एक एमओयू किया है। एचजेयू के शिक्षा संकुल स्थित प्रशासनिक परिसर में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में एचजेयू की कुलपति प्रो. सुधि राजीव और यूएनएफपीए की कंट्री हेड एंड्रिया वोयनार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. राजीव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना मीडिया की जिम्मेदारी है। ऐसे में भावी पत्रकारों में जेंडर, महिला एवं बाल विकास से जुड़े मुद्दों के प्रति चेतना बहुत ही महत्वपूर्ण है। यूएनएफपीए और एचजेयू का यह समझौता सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरुक और जिम्मेदार मीडियाकर्मी तैयार करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
मीडिया का बदला स्वरूप
वोयनार ने कहा कि मीडिया का स्वरूप बदल रहा है और मीडिया के सहयोग के बिना सामाजिक बदलाव संभव नहीं है। मीडिया में महिला पत्रकारों की संख्या भी बढ़नी चाहिए। वे अपने 10वें राष्ट्रीय कार्यक्रम (2023-2027) के दौरान यूएनएफपीए मातृत्व मृत्यु दर में कमी, परिवार नियोजन, जेंडर आधारित हिंसा को खत्म करने और अन्य मानवीय स्थितियों में सुधार के लिए प्रयासरत है।
इस मौके पर विवि के पत्रकारिता संकाय की डीन डॉ. ऋचा यादव, प्रो. आलोक श्रीवास्तव, डीआईपीआर के अतिरिक्त निदेशक अरुण जोशी, दीपेश गुप्ता, अवनी सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।





