राजस्थान

Sawai Madhopur में आयोजित जनसंवाद में मोहन मोरवाल ने किया मार्गदर्शन

Tara Tandi
26 Dec 2025 6:24 PM IST
Sawai Madhopur में आयोजित जनसंवाद में मोहन मोरवाल ने किया मार्गदर्शन
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Sawai Madhopur सवाई माधोपुर: स्थानीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को समुचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग द्वारा शुक्रवार को जिला परिषद सभागार, में आयोग के माननीय सदस्य मोहन मोरवाल की अध्यक्षता एवं जिला प्रमुख सुदामा मीणा की उपस्थिति में जिला स्तरीय जनसंवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। ओबीसी आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम में आयोग के माननीय सदस्य मोहन मोरवाल ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों एवं विभिन्न हितधारकों से प्रत्यक्ष संवाद कर ओबीसी वर्ग से जुड़े सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर व्यापक फीडबैक प्राप्त किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी डॉ. डिम्पल गुर्जर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं
सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान आयोग सदस्य मोहन मोरवाल ने कहा कि आयोग माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की पालना में प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों में ओबीसी वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति, उसके प्रभावों एवं वास्तविक स्थिति का पारदर्शी, प्रमाण आधारित और अनुभवजन्य अध्ययन कर रहा है। जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त सुझावों के आधार पर आयोग एक समग्र एवं तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा, जिससे ओबीसी वर्ग को न्यायोचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त हो सके।
जनसंवाद में अहम सुझाव :- इस दौरान खण्डार प्रधान नरेन्द्र चौधरी, देवपाल मीना, उप प्रधान इरफुद्वीन, प्रदेश अध्यक्ष पंचायत समिति सदस्य संघ राजस्थान, नारंगी मीणा, पंचायत समिति सदस्य प्रेम प्रकाश, संजय बैरवा, नाथ समाज अध्यक्ष हरिप्रसाद योगी, ओम सैनी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जनसंख्या के अनुपात में ओबीसी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने, मूल एवं अति पिछड़े वर्गों के संरक्षण, क्षेत्र की नाथ, योगी, सैनी, कुम्हार, नाई, राव, राणा, ढोली सहित अन्य वंचित तबकों तक आरक्षण का लाभ पहुंचाने तथा क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप आरक्षण निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे। प्रतिभागियों ने आशा जताई कि आयोग की अनुशंसाओं से ओबीसी वर्ग का राजनीतिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा। सभी ने आयोग के इस प्रयास को लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक समावेशी और संतुलित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
समावेशी लोकतंत्र की ओर सार्थक पहल :- आयोग सदस्य मोहन मोरवाल ने विश्वास दिलाया कि सवाई माधोपुर सहित प्रदेश भर से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से संकलित कर राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि स्थानीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी वर्ग को प्रभावी, न्यायसंगत और स्थायी राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सके। आयोग ने स्थानीय निकायों में राजनीतिक आरक्षण से संबंधित सुझाव आयोग कार्यालय, ई-मेल अथवा व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि तथा अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों ने आयोग को अपने सुझाव सौंपे। आयोग द्वारा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त अभ्यावेदनों को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए।
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