
RJ राजस्थान : सवाई माधोपुर जिले के जडावता गांव में बीते 2-3 दिनों की मूसलाधार बारिश ने एक मिनी नियाग्रा वॉटरफॉल का रूप ले लिया है। यह झरना हर पल बड़े आकार में बढ़ रहा है और खेतों के लिए खतरा बन गया है। स्थानीय किसानों के लिए यह दृश्य जितना अद्भुत है, उतना ही चिंताजनक भी। झरने के कारण पहले से हरे-भरे अमरूद के बागान और फसल के खेत लगभग 70-80 फीट गहरे गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। खेतों के कटाव ने गांव के कई मकानों, दुकानों और मंदिरों को भी नुकसान पहुँचाया है। कुछ मकानों पर अब भी खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना खेतों और गांववासियों के लिए गंभीर आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें खेतों में भारी कटाव और जल प्रवाह का खतरे भरा दृश्य देखा जा सकता है। गांव प्रशासन ने खतरे को देखते हुए प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई है। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों को सतर्क रहने और पानी के प्रवाह वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। इस घटना ने क्षेत्र में जल संरक्षण और बारिश के पानी के प्रबंधन की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।





