राजस्थान
पटाखा गोदाम में भीषण धमाका, 2 लोगों की दर्दनाक मौत
Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 12:45 PM IST

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नागौर। राजस्थान के नागौर जिले में दीपावली से पहले एक बड़ा हादसा सामने आया है। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की सुबह कोतवाली थाना क्षेत्र के बड़ली इलाके में स्थित एक पटाखा गोदाम में अचानक भीषण आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास का पूरा इलाका दहल उठा। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। विस्फोट के बाद गोदाम में भारी नुकसान हुआ और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे। विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में आवाज दो किलोमीटर दूर तक पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि, धमाके की आवाज कितनी दूरी तक सुनाई दी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।विस्फोट के बाद गोदाम से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। अचानक हुई घटना से आसपास रहने वाले लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों को शुरुआत में समझ नहीं आया कि इतना तेज धमाका किस कारण हुआ है।
विस्फोट से इलाके में मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, बड़ली क्षेत्र में स्थित गोदाम में पटाखों और बारूद से संबंधित सामग्री रखी गई थी। गुरुवार सुबह अचानक आग लगने के बाद वहां मौजूद ज्वलनशील पदार्थों में विस्फोट हो गया।धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गोदाम का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के क्षेत्र में मलबा फैलने की भी खबर है।स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट के कारण आसपास के कुछ मकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, कुल क्षति का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।धमाके के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया। कई लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, जबकि आसपास रहने वाले परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने लगे।
दो लोगों की मौके पर मौत
इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की जान चली गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, दोनों मृतक विस्फोट के समय गोदाम में मौजूद थे।धमाका इतना भीषण था कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे में दो अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।घटना के बाद पुलिस और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक बचाव कार्य शुरू किया।मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति को लेकर अलग-अलग स्थानीय रिपोर्टों में जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।घटना से मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे
धमाके की सूचना मिलने के बाद नागौर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नागौर वृत्ताधिकारी जतिन जैन, तहसीलदार नरसिंह टाक और कोतवाली पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।अधिकारियों ने घटना से संबंधित जानकारी जुटाई और विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कराई।इस दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गोदाम में कितनी मात्रा में पटाखे और विस्फोटक सामग्री रखी गई थी।इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि गोदाम के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध थे या नहीं।
एफएसएल टीम करेगी विस्फोट की जांच
हादसे के बाद फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।एफएसएल विशेषज्ञ घटनास्थल से मिले अवशेषों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास करेंगे।प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसे अभी हादसे का प्रमाणित कारण नहीं माना जा सकता।जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग पहले लगी थी या किसी अन्य वजह से विस्फोट हुआ और फिर आग फैल गई।गोदाम में मौजूद सामग्री की प्रकृति तथा भंडारण व्यवस्था भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
पटाखा गोदाम में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने पटाखों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।पटाखों में इस्तेमाल होने वाले रसायन अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं। इनका सुरक्षित भंडारण नहीं होने पर आग लगने और विस्फोट होने का जोखिम बढ़ सकता है।ऐसे गोदामों में निर्धारित नियमों के अनुसार सामग्री रखना, आग से सुरक्षा के उपकरण उपलब्ध कराना और बिजली की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी होता है।इसके अलावा पटाखों के भंडारण के लिए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक लाइसेंस तथा अनुमति लेना भी महत्वपूर्ण है।हालांकि, नागौर के इस गोदाम के पास वैध लाइसेंस था या नहीं, इसकी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
दीपावली से पहले हुआ बड़ा हादसा
देशभर में दीपावली की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे समय में पटाखों की मांग बढ़ जाती है और गोदामों में बड़ी मात्रा में सामग्री का भंडारण किया जाता है।त्योहारी सीजन में पटाखा गोदामों और दुकानों में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।यदि निर्धारित क्षमता से अधिक ज्वलनशील सामग्री रखी जाती है या सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है, तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।इसलिए संबंधित विभागों द्वारा गोदामों की नियमित जांच और सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण आवश्यक माना जाता है।
धमाके के कारणों पर टिकी नजर
नागौर के बड़ली इलाके में हुए इस विस्फोट ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गोदाम में विस्फोट किस वजह से हुआ और क्या वहां निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।पुलिस और एफएसएल की जांच के बाद घटना की वास्तविक परिस्थितियों से पर्दा उठने की उम्मीद है।
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