
उदयपुर: उदयपुर के झाड़ोल उपखंड में मानसी नदी पर 14 साल पहले टूटी पुलिया के हाल आज भी जस के तस है। हर साल बारिश के मौसम में यह नदी उफान पर होती है और तेज बहाव शुरू हो जाता है जिससे यहां वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद हो जाता है। ऐसे में ग्रामीण खुद की जान जोखिम में डालकर पैदल ही नदी पार करने को मजबूर हो रहे हैं। स्कूली बच्चों को कमर तक पानी में चलकर नदी पार करनी पड़ती है। क्योंकि नदी पार ही गोगला सरकारी सी.सै.स्कूल है। वहीं, अगर किसी बीमार को इलाज के लिए नदी पार करवाकर हॉस्पिटल लेकर जाना खतरे से खाली नहीं है। इसके अलावा दूसरा रास्ता है लेकिन उसमें 8 से 10 किमी ज्यादा की दूरी तय करते हुए पहाड़ियों पर पैदल होकर जाना पड़ता है। मामले में झाड़ोल विधायक बाबूलाल खराड़ी का कहना है कि ग्रामीणों की मांग जायज है। इतने वर्षों से यह रपट टूटी हुई है तो सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। रपट की जगह नई पुलिया बनानी चाहिए। मैं इसके बारे में बात करूंगा।
हर साल बारिश के मौसम में यह नदी उफान पर होती है और तेज बहाव शुरू हो जाता है जिससे यहां वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद हो जाता है। 14 साल से जनप्रतिनिधियों ने नहीं करवाया पुलिया निर्माण जानकारी अनुसार झाड़ोल उपखंड की भदराणा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव अमरपुरा को मुख्यालय को जोड़ने के लिए यह पुलिया बनाई गई थी, लेकिन वर्ष 2006 में आई तेज बारिश से यह पुलिया ढहकर बह गई। तब से लेकर आज तक यहां के स्थानीय प्रशासन और ना ही जनप्रतिनिधियों ने इसकी सुध ली है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधी सिर्फ वोट के लिए हाथ जोड़ते हुए घर-घर आते हैं लेकिन 14 साल से टूटी पुलिया की ओर उनका ध्यान नहीं गया। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द पुलिया निर्माण की मांग की है। मामले में पीडब्ल्यूडी एईएन भूरसिंह मीणा का कहना है कि इस पुलिया के लिए हमने प्रस्ताव बना कर आगे भेज रखा है लेकिन अभी तक कोई स्वीकृति नहीं आई है।





