राजस्थान

राजस्थान में ग्वार-गम फैक्ट्री में भीषण आग, 3 मजदूर 70 फीसदी झुलसे, दो लापता

Kavita2
19 Oct 2026 2:45 PM IST
राजस्थान में ग्वार-गम फैक्ट्री में भीषण आग, 3 मजदूर 70 फीसदी झुलसे, दो लापता
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पाली। राजस्थान के पाली जिले में रविवार, 18 अक्टूबर की देर रात एक ग्वार-गम फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र के फोर्थ फेज में स्थित सारड़ा बायो पॉलिमर्स फैक्ट्री में रात करीब 11:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा लपटों की चपेट में आ गया। इस हादसे में तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि दो अन्य मजदूरों के लापता होने की सूचना सामने आई है। घायल मजदूरों को पहले पाली के बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया।

आग इतनी भीषण थी कि फैक्ट्री से उठती ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार काफी दूर से दिखाई दे रहा था। हादसे के समय फैक्ट्री में रात की पाली में करीब 17 मजदूर काम कर रहे थे। आग लगते ही मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ मजदूर किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

रात 11:30 बजे अचानक भड़की आग

जानकारी के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र के फोर्थ फेज स्थित सारड़ा बायो पॉलिमर्स फैक्ट्री में ग्वार-गम प्रसंस्करण का काम किया जाता है।

रविवार देर रात कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यों में लगे हुए थे। इसी दौरान फैक्ट्री के एक हिस्से में अचानक आग लग गई।

प्रारंभिक जानकारी में लिफ्ट के पास शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कुछ ही समय में आग तेजी से फैल गई और मजदूरों को बाहर निकलने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

17 मजदूर कर रहे थे काम, 12 ने बचाई जान

हादसे के समय फैक्ट्री में लगभग 17 मजदूर मौजूद थे।

आग फैलते ही 12 मजदूर मुख्य द्वार से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

वहीं, तीन मजदूर आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घायल मजदूर मदद के लिए आवाज लगाते हुए बाहर निकले। उनके कपड़ों में आग लगी हुई थी।

किसी तरह बाहर पहुंचने के बाद गंभीर रूप से झुलसे मजदूर सड़क पर ही अचेत हो गए।

इस दौरान दो अन्य मजदूरों के फैक्ट्री के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई। उनकी तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया।

विक्की, अवधेश और राजू गंभीर रूप से घायल

हादसे में घायल मजदूरों की पहचान 19 वर्षीय विक्की, 40 वर्षीय अवधेश कुमार और 28 वर्षीय राजू के रूप में हुई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों मजदूर लगभग 70 प्रतिशत तक झुलस गए हैं।

आग की चपेट में आने के बाद वे गंभीर हालत में फैक्ट्री से बाहर निकले थे।

स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें तत्काल पाली के बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया।

वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया।

तीनों का उपचार जारी होने की जानकारी है।

स्थानीय लोगों ने अपनी कार से पहुंचाया अस्पताल

हादसे के दौरान स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पाली के गुरु नगर निवासी रवि और महेंद्र फैक्ट्री से उठती आग की लपटें देखकर घटनास्थल पर पहुंचे।

वहां उन्होंने गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को देखा।

दोनों ने एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया, लेकिन घायलों की हालत देखते हुए तत्काल अपनी कार से उन्हें अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया।

उनकी सहायता से मजदूरों को जल्द चिकित्सा सुविधा मिल सकी।

आठ दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने के लिए बड़े स्तर पर अग्निशमन अभियान चलाया गया।

पाली के साथ सोजत, रानी, फालना और सुमेरपुर से भी दमकल गाड़ियां बुलाई गईं।

जानकारी के अनुसार, करीब आठ दमकल गाड़ियों ने आग बुझाने के लिए लगभग 55 फेरे लगाए।

आग पर नियंत्रण पाने में करीब साढ़े चार घंटे की मशक्कत करनी पड़ी।

रात लगभग 12 बजे शुरू हुआ अग्निशमन अभियान सोमवार सुबह करीब चार बजे तक चला।

दमकल कर्मचारियों ने लगातार पानी का छिड़काव करके आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया।

फैक्ट्री की दीवार तोड़कर किया बचाव कार्य

आग की तीव्रता के कारण फैक्ट्री के अंदर पहुंचना मुश्किल हो रहा था।

बचाव कार्य को आगे बढ़ाने के लिए जेसीबी मशीन की सहायता से फैक्ट्री की दीवार का एक हिस्सा तोड़ा गया।

इस दौरान फैक्ट्री में लगा फायर फाइटिंग सिस्टम भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।

बताया गया कि दीवार तोड़ते समय अग्निशमन व्यवस्था की पाइपलाइन टूट गई।

फैक्ट्री के अंदर मौजूद दो मजदूरों की तलाश के लिए मलबा हटाने का काम भी शुरू किया गया।

हालांकि, दोनों की स्थिति के संबंध में अंतिम आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

ट्रैक्टर-ट्रॉली जलकर हुई राख

भीषण आग की चपेट में आने से फैक्ट्री परिसर में खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जल गई।

आग के कारण फैक्ट्री में रखे सामान और मशीनों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

हालांकि, कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।

अग्निशमन विभाग और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गैस सिलेंडरों तक नहीं पहुंची आग

फैक्ट्री परिसर में बड़े गैस सिलेंडर भी रखे होने की जानकारी सामने आई है।

राहत की बात यह रही कि आग उन सिलेंडरों तक नहीं पहुंची।

यदि सिलेंडर अत्यधिक गर्मी या आग की चपेट में आते, तो अतिरिक्त खतरा पैदा हो सकता था।

अग्निशमन कर्मचारियों ने आग को नियंत्रित करने और आसपास के हिस्सों को सुरक्षित रखने के लिए प्रयास किए।

प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर

आग लगने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।

पाली के उपखंड अधिकारी विमलेंद्र सिंह राणावत, सीओ सिटी मंगलेश चुण्डावत और औद्योगिक थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

अधिकारियों ने बचाव कार्य की जानकारी ली और आग से प्रभावित फैक्ट्री का निरीक्षण किया।

घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी

औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की घटनाएं मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं।

विशेष रूप से जिन फैक्ट्रियों में मशीनों और विद्युत उपकरणों का लगातार उपयोग होता है, वहां नियमित विद्युत जांच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों का रखरखाव आवश्यक है।

इसके अलावा आपातकालीन निकासी मार्ग, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और कर्मचारियों का सुरक्षा प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण है।

पाली की इस फैक्ट्री में आग लगने से पहले कौन-कौन से सुरक्षा उपाय उपलब्ध थे और उनका कितना प्रभावी उपयोग हुआ, यह विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट होगा।

दो लापता मजदूरों की स्थिति स्पष्ट नहीं

सोमवार सुबह तक सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलसे थे और दो अन्य की तलाश जारी थी।

दोनों लापता मजदूरों के संबंध में नई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी स्थिति को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

पुलिस और संबंधित विभागों की जांच में आग लगने के कारण, मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और नुकसान का आकलन किए जाने की उम्मीद है।

इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन बचाव की तैयारियों के महत्व को सामने ला दिया है।

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