राजस्थान

लोकसभा स्पीकर ओम बिर्ला ने प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और समृद्धि पर जोर दिया

SHIDDHANT
16 Nov 2025 11:38 PM IST
लोकसभा स्पीकर ओम बिर्ला ने प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और समृद्धि पर जोर दिया
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Rajasthan राजस्थान: लोकसभा स्पीकर ओम बिर्ला ने कहा कि अन्नकूट महोत्सव और भगवान की पूजा हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और सामूहिक चेतना का प्रतीक हैं। उन्होंने इस अवसर पर जोर दिया कि भक्ति और त्योहार के माध्यम से समाज में समृद्धि, कल्याण और नए संकल्पों की भावना पैदा होती है। ओम बिर्ला ने कहा, “भगवान के चरणों में श्रद्धा और अन्नकूट उत्सव का संयोजन हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों और सामूहिक चेतना की याद दिलाता है। इस अवसर पर सभी भक्त अपने जीवन में समृद्धि और भलाई की कामना करते हैं, साथ ही नए संकल्पों और प्रगति की दिशा में अग्रसर होने का संदेश भी देते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अन्नकूट महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों में भाईचारा, एकता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम भी है। इस दिन लोग विविध प्रकार के शाकाहारी पकवान तैयार करते हैं और उन्हें मंदिरों में भगवान को भेंट करके समाज के साथ साझा करते हैं। यह परंपरा हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और सहयोग की भावना को दर्शाती है। लोकसभा स्पीकर ने कहा कि ऐसे त्योहार भारतीय समाज की विशेषता हैं, जो व्यक्तिगत भक्ति को सामूहिक उत्सव और सामाजिक सद्भाव से जोड़ते हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी से आग्रह किया कि वे इस परंपरा को बनाए रखें और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
ओम बिर्ला ने अन्नकूट महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति के सशक्तरण का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव के माध्यम से लोग आपसी सहयोग, समानता और परस्पर सम्मान की भावना को जीवन में उतार सकते हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनता और भक्तों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मंदिरों और पूजा स्थलों पर विशेष आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें संगीत, नृत्य और सामूहिक भजन शामिल थे। लोकसभा स्पीकर ने अंत में कहा कि अन्नकूट महोत्सव जैसे त्योहार हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक समृद्धि का संचार करते हैं।
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