राजस्थान

Kota: अस्पताल में मरीजों की मौत पर परिजनों का हंगामा

Admindelhi1
16 May 2026 10:44 AM IST
Kota: अस्पताल में मरीजों की मौत पर परिजनों का हंगामा
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कोटा: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल एमबीएस अस्पताल शुक्रवार को उस समय तनाव और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब इलाज के दौरान दो गंभीर मरीजों की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा कर दिया। घटना में रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट, कपड़े फाड़ने, वार्ड में तोड़फोड़ करने और बेड सहित शवों को अस्पताल से बाहर ले जाकर प्रदर्शन करने जैसी गंभीर घटनाएं सामने आईं।

जानकारी के अनुसार टोंक जिले के कोटड़ी रोड निवासी 25 वर्षीय किशन और बूंदी जिले के बड़ा नया गांव निवासी 55 वर्षीय मदन लाल गंभीर अवस्था में एमबीएस अस्पताल में भर्ती थे। किशन को सड़क दुर्घटना के बाद संक्रमण और टिटनेस जैसी जटिलताओं के चलते भर्ती कराया गया था, जबकि मदन लाल को पेट संबंधी गंभीर समस्या और निमोनिया की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था।

शुक्रवार दोपहर अचानक दोनों मरीजों की तबीयत बिगड़ गई। ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट डॉक्टरों ने तत्काल सीपीआर देकर जान बचाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन इसी दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हमला बोल दिया।

रेजिडेंट डॉक्टर प्रियांक और डॉ. रक्षित के साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़ दिए गए और जान बचाने के लिए उन्हें बाथरूम की ओर भागना पड़ा। परिजन वहां भी पहुंच गए और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।

इसके बाद आक्रोशित लोगों ने अस्पताल वार्ड में तोड़फोड़ कर दी, चिकित्सा उपकरणों को नुकसान पहुंचाया और दोनों मरीजों को बेड सहित अस्पताल परिसर से बाहर ले जाकर सड़क पर धरना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक अस्पताल के बाहर प्रदर्शन और हंगामा चलता रहा, जिससे अस्पताल प्रशासन और अन्य मरीजों में भय का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीएम सिटी और पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश देकर स्थिति नियंत्रित की। अस्पताल अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया कि दोनों मरीज पहले से ही गंभीर अवस्था में थे और डॉक्टर लगातार उपचार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मरीजों को आधिकारिक रूप से मृत घोषित किए जाने से पहले ही परिजन उन्हें बाहर ले गए और हिंसक व्यवहार किया।

डॉ. मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें गोली मारने तक की धमकी दी गई। घटना के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अस्पताल प्रशासन की ओर से संबंधित आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाने में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील परिस्थितियों में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

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