राजस्थान

Jodhpur : अतिक्रमण पर कड़ा वार: 27 दुकानें ध्वस्त

Uma Verma
26 March 2025 11:38 AM IST
Jodhpur : अतिक्रमण पर कड़ा वार: 27 दुकानें ध्वस्त
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जोधपुर | जोधपुर जिले के ग्राम केरू में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए पीला पंजा चला दिया है। इस कार्रवाई के दौरान 27 पक्की दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया और 5 बीघा जमीन को मुक्त कर लिया गया है। प्रशासन ने इस कदम को गैरकानूनी अतिक्रमण पर अंकुश लगाने और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया है।

अवैध अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई

ग्राम केरू में कई वर्षों से अवैध अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी। कुछ व्यवसायिक प्रतिष्ठान और दुकानों ने कानून की नज़रअंदाज़ी करते हुए सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर कब्जा कर लिया था। स्थानीय लोगों की शिकायतों और दस्तावेज़ी सबूतों के आधार पर प्रशासन ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस और संबंधित विभागों ने मिलकर जांच की और पाया कि ये पक्की दुकानें बिना किसी वैध अनुमति के अतिक्रमित की गई थीं।

पीला पंजा का प्रदर्शन

इस मामले में प्रशासन ने स्पष्ट संदेश देते हुए पीला पंजा लागू किया। पीला पंजा एक तरह का तात्कालिक निलंबन आदेश है, जिसका उद्देश्य अवैध अतिक्रमण को तुरंत रोकना और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कार्रवाई के दौरान विभागीय बलों ने बिना किसी विलंब के अवैध कब्जे में लगी दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इन दुकानों में से कई स्थानीय निवासियों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले अतिक्रमण के उदाहरण थे, जिनसे क्षेत्रीय विकास और नियोजित योजनाओं में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

जमीन मुक्त कराई गई

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि 5 बीघा जमीन को मुक्त कर दिया गया है। मुक्त कराई गई जमीन अब स्थानीय प्राधिकरण के नियंत्रण में आ गई है, जिससे इसे भविष्य में नियोजित विकास परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि यह जमीन अब सामुदायिक उपयोग, सार्वजनिक सुविधाओं या विकास कार्यों के लिए आवंटित की जाएगी। इस कदम से ग्राम केरू के नागरिकों में विश्वास की एक नई लहर दौड़ गई है कि अब उनकी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को कड़ा जवाब मिलेगा।

स्थानीय प्रतिक्रिया और सामाजिक प्रभाव

इस कार्रवाई के पश्चात ग्राम केरू के निवासियों ने खुशी जताई है। स्थानीय व्यापारी, किसानों और अन्य नागरिकों ने कहा कि अब वे सरकारी जमीन के वैध उपयोग पर भरोसा कर सकते हैं। लोगों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से भविष्य में अतिक्रमण की समस्या पर अंकुश लगेगा और विकास योजनाओं में बाधा नहीं आएगी। कई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की सराहना की और प्रशासन से उम्मीद जताई कि वे इसी तरह के कदम उठाते रहेंगे।

आगे की कार्यवाही

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि इस कार्रवाई के बाद भी अतिक्रमण की जांच जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति या समूह अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कानून की कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इस मामले में सभी संबंधित दस्तावेजों और जांच रिपोर्टों को तैयार कर लिया है और आगे की कार्यवाही के लिए उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने स्थानीय समुदाय के साथ संवाद बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नागरिक जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू करने की योजना बनाई है।

निष्कर्ष

ग्राम केरू में अवैध अतिक्रमण पर चलाया गया यह कदम प्रशासन के संकल्प का परिचायक है कि वे कानून और व्यवस्था की रक्षा के लिए किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। 27 पक्की दुकानों को ध्वस्त कर 5 बीघा जमीन को मुक्त कराना एक सकारात्मक संदेश है कि स्थानीय निवासियों के हितों और विकास योजनाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। उम्मीद की जा रही है कि इस कार्रवाई से अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी समान रूप से कदम उठाए जाएंगे और अतिक्रमण जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।


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