राजस्थान

Jodhpur: मारवाड़ ट्रैवल मार्ट से लोकल कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

Admindelhi1
21 Sept 2026 1:51 PM IST
Jodhpur: मारवाड़ ट्रैवल मार्ट से लोकल कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
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‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना मजबूत करने पर जोर : शेखावत

जोधपुर: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने रविवार को प्रथम मारवाड़ ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ किया। जोधपुर में 22 सितंबर तक आयोजित हो रहे इस आयोजन में राजस्थान सहित देशभर से आए ट्रैवल एजेंट, टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

मारवाड़-थार क्षेत्र की समृद्ध विरासत, लोक संस्कृति, कला, परंपराओं और विविध पर्यटन अनुभवों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित मारवाड़ ट्रैवल मार्ट को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि यह आयोजन मारवाड़ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। इससे स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर शेखावत ने पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों से संवाद किया और मारवाड़ के पर्यटन को नई दिशा देने को लेकर विचार-विमर्श किया। समारोह में जोधपुर के पूर्व नरेश गज सिंह, जोधाणा हेरिटेज से जुड़े पदाधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र के गणमान्यजन उपस्थित रहे।

पर्यटन अब केवल घूमने नहीं, अनुभव लेने का माध्यम

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज का यात्री केवल होटल, परिवहन और अन्य सुविधाओं के आधार पर किसी गंतव्य का चयन नहीं करता, बल्कि वह वहां का समग्र अनुभव लेकर लौटना चाहता है। मारवाड़ आने वाला पर्यटक मेहरानगढ़ को केवल स्मारक के रूप में न देखे, बल्कि उसके इतिहास को जाने, स्थानीय संस्कृति को समझे, रात के आकाश में तारों को निहारे, लोक संगीत सुने और यहां के खान-पान, हस्तशिल्प तथा जीवनशैली का अनुभव लेकर जाए।

शेखावत ने स्थानीय कला एवं कलाकारों को पर्यटन से जोडऩे पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मारवाड़ के प्रत्येक होटल में स्थानीय लोकवाद्य और लोक कलाकारों की उपस्थिति होनी चाहिए। कमायचा जैसे पारंपरिक वाद्य केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित न रहें, बल्कि पर्यटकों के अनुभव का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि पर्यटक जब मारवाड़ आए तो उसे यहां की मिट्टी, संगीत, लोककथाओं, खान-पान और परंपराओं से परिचित कराया जाए। लोक संस्कृति को पर्यटन उत्पाद का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।

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