Jodhpur: प्रदेश में स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और विकास बेहाल: गहलोत

जोधपुर: प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज राज्य की भजनलाल सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के आने के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं, कानून व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और विकास कार्यों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। वे आज जोधपुर प्रवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश में दवाइयों, ऑपरेशन और इलाज का खर्च बढ़ गया है, जबकि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लोगों को समय पर नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशनधारियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही और सरकार भुगतान करने में विफल साबित हो रही है।
एनजीओ आंदोलन का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि इस मुद्दे को सबसे पहले राहुल गांधी ने उठाया था और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। इसके बाद कांग्रेस ने राज्यभर में आंदोलन किए, जिससे केंद्र सरकार दबाव में आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समझौते का वादा किया, लेकिन आज तक उसकी प्रति सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वादा खिलाफी को देश और युवा कभी माफ नहीं करेंगे।
कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े प्रदेश की बिगड़ती स्थिति की गवाही दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या, दुष्कर्म, लूट और डकैती जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार केवल मुख्यमंत्री को खुश करने में लगी हुई है।
अकाल और जल संकट को लेकर उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि कई जिलों में वर्षा की कमी चिंता का विषय है। यदि समय रहते पानी और पशुओं के चारे की व्यवस्था नहीं की गई तो गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि लगातार चार अकाल के बावजूद उनकी सरकार ने बेहतर प्रबंधन किया था और किसी को भूखा नहीं सोने दिया।
गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अधिकांश विभागों में भुगतान रुके हुए हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके जीपीएफ और अन्य रिटायरमेंट लाभ समय पर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के बाहर सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार आर्थिक प्रबंधन में पूरी तरह विफल है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार विधानसभा और सडक़ों पर जनता के मुद्दे उठा रहा है, लेकिन सरकार उन्हें आलोचना समझकर नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य सरकार को फीडबैक देना है ताकि जनता को बेहतर शासन मिल सके।
भ्रष्टाचार को लेकर भी गहलोत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग ही निजी तौर पर प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार की चर्चा कर रहे हैं। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं टूट चुकी हैं।
जोधपुर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार के समय लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से फिनटेक इंस्टीट्यूट, स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, हॉस्टल सहित कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन वर्तमान सरकार उद्घाटन तक नहीं करवा पा रही है। उन्होंने कहा कि कई संस्थानों में भवन तैयार हैं, लेकिन न खिलाड़ी हैं, न कोच और न ही आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
गहलोत ने कहा कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री से जोधपुर आकर इन परियोजनाओं का उद्घाटन करने का आग्रह किया था और भरोसा दिलाया था कि कांग्रेस इसका विरोध नहीं करेगी, बल्कि स्वागत करेगी। इसके बावजूद अब तक इन परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं किया गया है।





