Jodhpur: गजेन्द्र सिंह शेखावत का वक्फ बोर्ड और महाकुंभ को लेकर बड़ा बयान

जोधपुर: केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत आज जोधपुर पहुंचे और अपने आवास पर आमजन एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की।
वक्फ बोर्ड एक्ट में बदलाव को लेकर संसद में हो रहे विरोध पर शेखावत ने कहा कि यह विरोध वही लोग कर रहे हैं जिन्होंने अपने धर्म और समाज की संपत्ति हड़प कर उसका निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन समाज के ताने-बाने को बिगाड़ने का प्रयास है। संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस पर संसद में चर्चा होगी, जहां सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।
महाकुंभ के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर दिन एक नया रिकॉर्ड बन रहा है। अब तक करीब 50 करोड़ श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। यह एक विश्व रिकार्ड है और भविष्य में इसका केस स्टडी के रूप में अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कुंभ मेले की व्यवस्था की सराहना की और इसे ऐतिहासिक आयोजन बताया।
इस बारे में सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए शेखावत ने कहा कि कांग्रेस का स्वभाव रहा है कि पहले प्रतिक्रिया दें और फिर उसे नकार दें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोविड वैक्सीन बनी तो कांग्रेस ने इसे भाजपा की वैक्सीन बताकर विरोध किया, लेकिन बाद में उन्होंने चुपचाप उन्हें दे दिया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के किसी भी ट्विटर हैंडल पर टीकाकरण की कोई तस्वीर नहीं दिखाई देगी, क्योंकि पहले उन्होंने इसका विरोध किया और बाद में खुद इसका फायदा उठाया।
फोन टैपिंग मामले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार को इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा फोन टैपिंग हुई। उनके ओएसडी लोकेश शर्मा ने दिल्ली की अदालत में हलफनामा दर्ज कराते हुए कहा कि फोन टैपिंग अवैध रूप से की गई थी और इसे मीडिया में लीक करने के निर्देश दिए गए थे। शेखावत ने कहा कि जिन लोगों ने खुद ऐसे कृत्य किए हैं, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है।
राजस्थान के आगामी बजट के बारे में उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से ऐतिहासिक होगा। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हर विधानसभा क्षेत्र और हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए समावेशी बजट पेश किया गया था। इस बार का बजट भी राजस्थान के समग्र विकास को बढ़ावा देगा।





