
Kota कोटा : देश के सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक JEE-Advanced 2026 के परिणाम सोमवार सुबह घोषित किए गए, जिसमें बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने पूरे देश में टॉप कर शानदार उपलब्धि हासिल की है। शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त किए और परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया।
रिज़ल्ट के अनुसार, गुरुग्राम के कबीर छिल्लर ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 329 अंक प्राप्त कर अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। दोनों ही छात्रों ने कोटा स्थित एलन करियर इंस्टीट्यूट में अपनी तैयारी की थी, जहां से उन्होंने इस कठिन परीक्षा के लिए कोचिंग ली।
टॉपर शुभम कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोचिंग संस्थान के शिक्षकों और अपनी लगातार मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पिछले दो वर्षों से लगातार इस परीक्षा की तैयारी की और पूरी तरह फोकस बनाए रखा। शुभम ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी और नकारात्मक खबरों पर ध्यान नहीं दिया, जिससे उन्हें मानसिक रूप से स्थिर रहने में मदद मिली।
18 वर्षीय शुभम ने कहा, “मैं दो साल से एंट्रेंस एग्जाम के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था, इसलिए अच्छे नंबरों की उम्मीद करना स्वाभाविक था।” वह दो साल पहले 11वीं कक्षा के छात्र के रूप में कोटा आए थे और तब से लगातार परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
शुभम कुमार के परिवार की पृष्ठभूमि साधारण है। उनके पिता शिव कुमार बिहार के गया में हार्डवेयर का व्यवसाय करते हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी पढ़ाई के दौरान हर संभव सहयोग दिया, जिससे उन्हें पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।
दूसरे स्थान पर रहे कबीर छिल्लर भी कोचिंग संस्थान में अपनी मेहनत और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। दोनों छात्रों ने लगातार अभ्यास, मॉक टेस्ट और मजबूत अवधारणाओं के आधार पर यह सफलता हासिल की है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष का परिणाम एक बार फिर यह साबित करता है कि निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और अनुशासन के साथ कठिन से कठिन परीक्षा में भी सफलता हासिल की जा सकती है। कोटा जैसे कोचिंग हब की भूमिका भी इन परिणामों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
JEE-Advanced 2026 के नतीजों ने एक बार फिर देशभर के छात्रों के लिए प्रेरणा का काम किया है, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और फोकस के दम पर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, शुभम कुमार की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देशभर के लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बन गई है।





