राजस्थान

Jalore: सहायक कृषि अधिकारियों व कृषि पर्यवेक्षकों की बैठक सम्पन्न

Tara Tandi
9 Sept 2025 6:44 PM IST
Jalore: सहायक कृषि अधिकारियों व कृषि पर्यवेक्षकों की बैठक सम्पन्न
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Jalore जालोर । कृषि विभाग के समस्त सहायक कृषि अधिकारियों एवं कृषि पर्यवेक्षकों की मासिक बैठक कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कृषि रामलाल जाट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में विभागीय अनुदान योजनाओं यथा-प्राकृतिक खेती, परम्परागत कृषि विकास योजना, आरकेवीवाई-सिंचित क्षेत्र विकास, नेशनल मिशन ऑन इडिबल ऑयल, तारबंदी, फार्म पौण्ड, कृषि यंत्र अनुदान, सिंचाई पाईपलाईन, गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, भूमिहीन कृषि श्रमिक सम्बल, बैलों से खेती, बायोएजेन्ट/बायोपेस्टीसाईड अनुदानित दर पर वितरण एवं अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी गांव चलो अभियान में विभाग द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के साथ ही रासायनिक उर्वरकों के उपयोग एवं समन्वित प्रबन्धन तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामलाल जाट ने गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, भूमिहीन कृषि श्रमिक सम्बल एवं बैलों से खेती योजनाओं की कम प्रगति के सम्बन्ध में सभी को शत-प्रतिशत प्रगति अर्जित करने के साथ-साथ वर्तमान में खड़ी फसलों की कटाई उपरान्त होने वाले नुकसान के सम्बन्ध में बीमित कृषकों को होने वाले क्लेम भुगतान के लिए समय पर सूचना टोल फ्री नम्बर 14447 पर दर्ज करवाने की जानकारी अधिकाधिक कृषकों तक पहुँचाने के निर्देशित किया।
बैठक में कृषि सांख्यिकी उपनिदेशक ओमप्रकाश ने फसल कटाई प्रयोग सम्पादन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए पूर्ण सावधानी एवं सटीकता के साथ फसल कटाई प्रयोग सम्पादन के निर्देश दिए। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. खुमानसिंह ने कार्मिकों को कृषि विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही पात्र किसानों को लाभान्वित करने की बात कही। कृषि विभाग के सहायक निदेशक सुभाष चन्द्र ने धरती माता बचाओ अभियान अन्तर्गत आयोजित किये जाने वाले शपथ कार्यक्रम एवं ग्राम सभाओं में अधिकाधिक कृषकों की भागीदारी सुनिष्चित करने के बारे में जानकारी दी तथा विभागीय वॉट्एसप ग्रुप की अधिकतम सीमा तक कृषकों को जोड़ने के निर्देश दिए। कृषि अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद, जगदीश प्रसाद, अमित आहुजा एवं जितेन्द्रसिंह द्वारा आगामी दिनों में आयोजित होने वाली विभागीय गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अनुदान भुगतान आदि की रूपरेखा एवं कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
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