राजस्थान
Jalore: लंबित कृषि कनेक्शन जारी करने के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं – ऊर्जा मंत्री
Tara Tandi
10 Sept 2025 6:03 PM IST

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Jaipur जयपुर । उर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता पर विचार किये बगैर ही नए कृषि कनेक्शनों के डिमांड नोटिस जारी कर दिए गए। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा आधारभूत संरचना एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लंबित कृषि कनेक्शन जारी करने के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
उर्जा राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जोधपुर डिस्कॉम द्वारा 1 लाख 37 हजार 431 अविद्युतीकृत व लेफ्ट आउट हाउसहोल्ड को विद्युतीकृत करने के लिए 735.10 करोड़ रूपये की डीपीआर ग्रामीण विद्युतीकरण निगम नई दिल्ली को 7 जुलाई, 2021 को भेजी गई। आरईसी द्वारा 89 हजार 941 हाउसहोल्ड्स को ग्रिड से या ऑफ ग्रिड से विद्युतीकरण करने के लिए 433.6 करोड़ रुपए की स्वीकृति 26 जुलाई, 2021 को जारी की गई। इसकी विद्युतीकरण समय सीमा 31 दिसम्बर 2021 थी परन्तु पूर्ववर्ती सरकार के समय ग्रिड से 68 हजार 609 कनेक्शनों में से 25 प्रतिशत कनेक्शन सीएलआरसी पर एवं शेष 75 प्रतिशत टर्नकी पर जारी करने के निर्देश देरी से दिये गये। इसके बाद आरईसी द्वारा इन कनेक्शनों को जारी करने की अवधि 15 फरवरी, 2022 तक बढाई गई।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा कार्य को दिनांक 15 मार्च, 2022 तक पूरा करने के निर्देश दिये गए। आरईसी द्वारा उक्त कार्य के लिए समय सीमा 15 मार्च, 2022 से आगे नहीं बढाने के कारण टर्नकी पर कोई भी कार्य नहीं हुआ तथा कम समय होने से सीएलआरसी पर 21 हजार 677 कनेक्शन ही हो पाये, जिसमें 54.32 करोड़ रूपये राशि व्यय हुई। इस कारण से फलौदी जिले में भी हाउसहॉल्ड के विद्युतीकरण का कार्य नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह योजना बंद हो चुकी है। फलौदी जिले के लंबित कृषि कनेक्शनों को आरडीएसएस योजना के तहत शामिल कर जारी करने की कार्यवाही की जा रही है।
श्री नागर ने बताया कि जोधपुर में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड क्षेत्र के नियमों के कारण प्रसारण लाइन लगाने में बाधा आ रही है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से अब वहां कुसुम ए व सी में सोलर प्लांट लगाकर दिन में बिजली देने का कार्य किया जा रहा है।
इससे पहले विधायक श्री पब्बाराम विश्नोई के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि कृषि कनेक्शन नीति-2017 के अनुसार जमा मांग पत्र आवेदकों के कृषि कनेक्शन उपलब्ध संसाधनों के आधार पर वरीयतानुसार जारी किये जा रहे है।
इनके अतिरिक्त कृषि कनेक्शन नीति-2017 में आंशिक संशोधन के अनुसार कुसुम-‘ए’ एवं ‘सी’ योजना के तहत 33/11 केवी सब-स्टेशन, जहां कुसुम-‘ए’ एवं ‘सी’ के सौर ऊर्जा सयंत्र स्थापित एवं प्रचलित किये जा चुके हैं एवं भविष्य में भी 33/11 केवी सब-स्टेशनों पर कुसुम-‘ए’ एवं ‘सी’ के सौर ऊर्जा सयंत्र कंमीशड़ किये जाने हैं, ऐसे कुसुम-‘ए’ एवं ‘सी’ के सौर ऊर्जा सयंत्रों के कंमीशड़ होने के पश्चात, इन सब-स्टेशनों पर लम्बित सभी कृषि कनेक्शन जिनके मांग पत्र जमा/आवेदित है, वहां कुसुम-‘ए’ एवं ‘सी’ के सौर ऊर्जा सयंत्रों की उपलब्ध क्षमता के अनुसार कृषि कनेक्शन तुरन्त प्राथमिकता पर जारी किये जाने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र फलौदी में जमा मांग पत्र आवेदकों के 874 कृषि विद्युत कनेक्शन जारी किया जाना लम्बित है। इनमें से 214 प्रकरणों में फसल खडी होने/रास्ता उपलब्ध न होने के कारण कनेक्शन जारी करने का कार्य बाधित है। उक्त लम्बित कृषि कनेक्शन फसल कटने के साथ रास्ता उपलब्ध होने पर एवं उपलब्ध संसाधनों के आधार पर वरीयतानुसार जारी किये जा रहे हैं।
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