Jaipur: राजस्थान में मौसम ने बदला मिजाज, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

जयपुर: राजस्थान में मानसून की सक्रियता बुधवार को भी बनी रहेगी। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि बाकी सभी जिलों के लिए तेज बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है। मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ में सर्वाधिक 3 इंच तक पानी बरसा, जबकि कई जिलों में 2 इंच से अधिक बारिश हुई। जयपुर में दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के बाद देर रात तक रुक-रुककर बरसात का दौर जारी रहा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 12 और 13 अगस्त को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 14 अगस्त से मानसून कमजोर चरण में प्रवेश करेगा। इसका असर सबसे पहले जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिलेगा। अगले एक सप्ताह के दौरान प्रदेश में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहने तथा अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है।
पिछले 24 घंटे में चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला में सबसे ज्यादा 77 मिलीमीटर बारिश हुई।
चित्तौड़गढ़ के अलावा दौसा, नागौर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, सवाई माधोपुर, उदयपुर, सीकर, झालावाड़ और अलवर में भी 2 इंच से अधिक बारिश हुई। भरतपुर, टोंक, बाड़मेर, जालोर, श्रीगंगानगर, कोटा, झुंझुनूं, जयपुर और धौलपुर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
राजधानी जयपुर में मंगलवार दोपहर बाद घने काले बादल छाए और तेज हवा के साथ कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ। लगातार बारिश और तेज हवा से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। जिले के सांगानेर में 16.2 मिलीमीटर, आमेर में 37, चौमूं में 30, जमवारामगढ़ में 35, तूंगा में 22 और जालसू में 18 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाड़मेर में भी मंगलवार दोपहर हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। अचानक हुई तेज बरसात से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में मानसून ट्रफ बीकानेर से दतिया और उत्तरी मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र से होते हुए डालटनगंज तक तथा वहां से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसी मौसम तंत्र के प्रभाव से राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि यह सक्रियता ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। 14 अगस्त से मानसून के कमजोर पड़ने के साथ प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके बाद अगले करीब एक सप्ताह तक अधिकांश क्षेत्रों में बारिश कम रहने की संभावना है।





