राजस्थान

Jaipur: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने दिया डब्ल्यूआरसीपी में सहयोग का भरोसा

Tara Tandi
15 Feb 2025 10:51 AM IST
Jaipur: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने दिया डब्ल्यूआरसीपी में सहयोग का भरोसा
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Jaipur जयपुर । केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखा्वत ने पश्चिमी राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (डब्ल्यूआरसीपी) में सहयोग का भरोसा दिलाया। शुक्रवार को सेतरावा में वीर शिरोमणि राव देवराज राठौड़ के 663वीं जयंती समारोह में श्री शेखावत ने कहा कि राज्य सरकार को डब्ल्यूआरसीपी पर विस्तार से अध्ययन कराने की आवश्यकता है।
समारोह में श्री शेखावत ने कहा कि पूर्वी राजस्थान कैनल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को 5 साल तक रोकने के प्रयास हुए, लेकिन जब डबल इंजन की सरकार बनी तो 15 दिन में इसे लागू कराने का काम मैंने किया। उन्होंने कहा कि श्री अटल जी की सरकार के समय नदियों को जोड़ने की कल्पना की गई थी। पार्वती, कालीसिंधु और चंबल को जोड़ने का एक लिंक 31 लिंक्स में से चिन्हित किया गया था।
उन्होंने कहा कि ईआरसीपी से 21 जिलों को पीने का पानी मिलेगा और 3 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी, क्योंकि वहां मध्य प्रदेश के साथ पानी उपलब्ध है। श्री शेखावत ने कहा कि डब्ल्यूआरसीपी को लेकर राजस्थान सरकार ने एक कमेटी बनाई है। किस तरह और कहां से पानी लाया जा सकता है, इस विषय में चर्चा प्रारंभ की है। मैं डब्ल्यूआरसीपी को साकार कराने का भरोसा और विश्वास दिलाता हूं।
श्री शेखावत ने कहा कि हमारा इतिहास बहुत गौरवशाली है। वीर दुर्गादास, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, वीर शिरोमणि राव देवराज राठौड़ पर हम 500-700 साल बाद भी गर्व महसूस कर रहे हैं। आज हम समाज को शक्तिशाली बनाने, बच्चों को अधिक नौकरियां दिलाने और राजनीतिक क्षेत्र में समाज किस तरह महत्वपूर्ण हो, इसकी चर्चा करते हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ियां संस्कारों के साथ कितना जुड़ रही हैं, इस पर कोई चर्चा नहीं होती। केवल शक्ति और सामर्थ्य हासिल कर कोई समाज संस्कारवान रह सकता है, इसकी गारंटी नहीं है।
उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को पढ़ाएं और कामयाब बनाएं, लेकिन साथ-साथ में उनमें क्षत्रिय संस्कार भी डालें। युवा पीढ़ी अपने इतिहास पुरुषों से प्रेरणा ले सकें, इस तरह का विचार मंचों से करने की आवश्यकता है।
क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खोलने का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय बनाने के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजना होता है। जब तक केंद्रीय विद्यालय का निर्माण भारत सरकार करे, तब तक एक भवन राज्य सरकार को उपलब्ध कराना होता है।
श्री शेखावत ने कहा कि यह संस्कार समाप्त हुए तो ओरण और गोचर पर अतिक्रमण होना लगा, लेकिन अब इन भूमि को कानूनी रूप से सुरक्षित करना होगा। हमें परंपरागत रूप से चिह्नित गोचर और ओरण भूमि को रजिस्टर कराने के लिए सरकारी प्रक्रिया प्रारंभ करनी चाहिए। धरोहर बचाने के लिए हम सब प्रयास और सहयोग करें।
केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने मां नागणेच्या माता मंदिर में ज्योत के दर्शन किए। राव देवराज राठौड़ की अश्वारूढ़ प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस दौरान संत सत्यम गिरी महाराज, विधायक श्री बाबूसिंह सिंह राठौड़, श्री मनोहर पालीवाल, श्री मोती सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग समारोह में उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया।
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