राजस्थान

Jaipur: वीएलटीडी के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का चक्का जाम, जयपुर में आपूर्ति पर असर संभव

Admindelhi1
13 July 2026 9:06 AM IST
Jaipur: वीएलटीडी के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों का चक्का जाम, जयपुर में आपूर्ति पर असर संभव
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आज से ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल, जयपुर में जरूरी सामान की सप्लाई पर संकट

जयपुर: व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में राजस्थान के ट्रांसपोर्टरों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन चक्का जाम का ऐलान किया है। ट्रक संगठनों का दावा है कि हड़ताल के पहले दिन से ही बड़ी संख्या में ट्रक सड़कों पर नहीं उतरेंगे। इसका सबसे अधिक असर राजधानी जयपुर पर पड़ने की संभावना है, जहां से प्रतिदिन करीब तीन हजार ट्रक विभिन्न राज्यों के लिए रवाना होते हैं और लगभग इतनी ही संख्या में आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक शहर पहुंचते हैं।

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में फल-सब्जियां, किराना, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, दवाइयां, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, औद्योगिक कच्चा माल तथा निर्माण सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ आमजन की दैनिक जरूरतों पर भी असर पड़ने की आशंका है।राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के संयोजक रामावतार मोर और उपेंद्र मित्तल ने आरोप लगाया कि वीएलटीडी लगाने के लिए केवल चुनिंदा कंपनियों को अधिकृत किया गया है। उनका कहना है कि इन कंपनियों द्वारा एक डिवाइस के लिए करीब 30 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में यही डिवाइस लगभग तीन हजार रुपये में उपलब्ध है। उन्होंने सरकार से अधिक कंपनियों को अधिकृत करने तथा डिवाइस स्थापना के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तत्काल जारी करने की मांग की।समिति के प्रवक्ता सुरेश पूनिया ने कहा कि एआईएस-140 प्रमाणित वीएलटीडी डिवाइस पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि जब तक पूरी व्यवस्था सुचारु नहीं हो जाती, तब तक ट्रांसपोर्टरों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।उल्लेखनीय है कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) एआईएस-140 प्रमाणित जीपीएस आधारित ट्रैकिंग प्रणाली है, जिसे व्यावसायिक वाहनों में अनिवार्य किया गया है। यह वाहन की रियल टाइम लोकेशन, गति, मार्ग और आवागमन की निगरानी करती है। इसमें पैनिक बटन, रियल टाइम इमरजेंसी अलर्ट, NavIC/IRNSS सपोर्ट तथा मानकीकृत हार्डवेयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाते ही पुलिस एवं कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना पहुंच जाती है, जबकि वाहन की गति और गतिविधियों की भी निरंतर निगरानी की जा सकती है।

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