राजस्थान

Jaipur: सावन की बारिश जारी, अगस्त के पहले सप्ताह तक बरसेंगे बादल

Admindelhi1
1 Aug 2026 10:09 AM IST
Jaipur: सावन की बारिश जारी, अगस्त के पहले सप्ताह तक बरसेंगे बादल
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प्रदेश में मानसून सक्रिय, अगस्त पहले सप्ताह तक बारिश संभव

जयपुर: राजस्थान में शुक्रवार को सावन की फुहारों ने जयपुर सहित 15 से अधिक शहरों को भिगो दिया। सबसे अधिक 44 मिमी वर्षा कोटा जिले के मंडाना में दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को जयपुर, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, डबोक, बाड़मेर, बांसवाड़ा, पाली, जैसलमेर, डूंगरपुर, संगरिया, दौसा, प्रतापगढ़, अलवर और जालौर सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जैसलमेर में शाम के समय करीब 20 मिनट तक तेज बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। वहीं राजधानी जयपुर में दोपहर बाद हुई बारिश से लोगों को उमस से राहत मिली और अधिकतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

प्रदेश में बारिश की कमी के कारण पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर बना हुआ है। जैसलमेर का अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं जालौर का न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सबसे अधिक रात्रिकालीन तापमान रहा। जयपुर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाड़मेर में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जबकि कोटपूतली-बहरोड़ जिले में करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर वर्षा होती रही।

मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पूर्वी भारत के ऊपर बना अवदाब पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मध्यप्रदेश के दक्षिणी भागों और विदर्भ क्षेत्र तक पहुंच गया है। इसके अगले 24 घंटों में पश्चिम की ओर आगे बढ़ने तथा कमजोर होकर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मानसून ट्रफ लाइन सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर जैसलमेर, उदयपुर, इंदौर होते हुए अवदाब क्षेत्र से गुजर रही है।

राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इसके प्रभाव से 31 जुलाई से 2 अगस्त तक उदयपुर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश तथा जयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर संभाग के कुछ भागों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 3 अगस्त से मानसून ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर खिसकने के कारण वर्षा की गतिविधियां प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अगस्त माह में उत्तर-पश्चिम भारत सहित देशभर में सामान्य से कम वर्षा, यानी सामान्य का लगभग 94 प्रतिशत, होने तथा अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। जून और जुलाई में अपेक्षाकृत कम बारिश के कारण किसानों और सरकार की चिंता बनी हुई है।

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