राजस्थान
Jaipur: रेतीले धोरों से गूंजा योग का संदेश, राजस्थान में बना जन-आंदोलन
Tara Tandi
22 Jun 2025 6:24 PM IST

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Jaipur जयपुर । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 का आयोजन राजस्थान के लिए केवल एक दिवस नहीं, बल्कि इतिहास रचने का अवसर बन गया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य ने योग को एक जन-आंदोलन का रूप दिया। पूरे देश में जहां योग दिवस मनाया गया, वहीं राजस्थान ने 1.30 लाख से अधिक स्थानों पर योग करवाते हुए 1.27 करोड़ लोगों की भागीदारी के साथ नया रिकॉर्ड स्थापित किया। यही नहीं, भारत सरकार के योग संगम पोर्टल पर सर्वाधिक 2.44 लाख प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ राजस्थान शीर्ष पर रहा। आयोजकों को अब तक 42 हजार से अधिक प्रशंसा प्रमाण पत्र मिल चुके हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य में एकसाथ इतने बड़े स्तर पर योगाभ्यास कराए जाने की इस उपलब्धि को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन‘ में दर्ज करवाए जाने का प्रस्ताव भी है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिला सकता है।
रेतीले धोरों पर मुख्यमंत्री का योगाभ्यास
21 जून को आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 11वें संस्करण में राजस्थान की रेत पर एक अद्भुत योग संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जैसलमेर के खुड़ी के रेतीले धोरों पर राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में भाग लिया। हजारों नागरिकों, बीएसएफ जवानों, छात्रों और अधिकारियों के साथ उन्होंने योगाभ्यास करते हुए ‘स्वस्थ जीवन शैली’ अपनाने का संकल्प दिलाया। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विशाखापट्टनम से दिया गया संदेश भी सुना गया, जिसमें उन्होंने ‘मानवता के लिए योग 2.0’ की शुरुआत का आह्वान किया।
योग बना जीवनशैली का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग अब केवल व्यायाम नहीं रहा, यह शरीर, मन, आत्मा और बुद्धि को जोड़ने वाली सम्पूर्ण जीवनशैली बन चुका है। योग भारतीय संस्कृति की वह धरोहर है, जिसमें परंपरा और आधुनिकता, विज्ञान और अध्यात्म का मेल देखने को मिलता है। योग न केवल मेडिटेशन है, बल्कि मानसिक और शारीरिक समस्याओं का समाधान-मेडिकेशन भी है। उन्होंने योग को तनाव, प्रदूषण और अव्यवस्थित जीवनशैली से मुक्ति का प्रभावी माध्यम बताया।
ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन
योग दिवस के अवसर पर राजस्थान में पहली बार इतनी व्यापकता और भव्यता के साथ आयोजन हुआ। जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किले में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने योगाभ्यास किया। अलवर में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने सामूहिक योग सत्र में भाग लिया। बांसवाड़ा में कागदी पिकअप वियर पर ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ थीम पर जिला स्तरीय आयोजन हुआ।
राजधानी जयपुर में कई स्थलों पर सामूहिक योग
जयपुर में मुख्यमंत्री के निर्देश पर सवाई मानसिंह स्टेडियम, अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, श्री गलता जी मंदिर, जलमहल, हवामहल, बिड़ला मंदिर, सेंट्रल पार्क, सिटी पार्क, आमेर फोर्ट, गोविंद देव जी मंदिर, जयगढ़ और सिटी पैलेस जैसे प्रमुख स्थानों पर एक साथ योगाभ्यास किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया।
जिलों में भी उत्साह, जनता की भागीदारी ऐतिहासिक
भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, गंगा मंदिर, किशोरी महल, गौरव बेटी पार्क, लोहागढ़ स्टेडियम, अपना घर आश्रम बझेरा जैसे स्थलों पर भी जनसहभागिता के साथ योग दिवस मनाया गया। फलौदी दुर्ग में प्रभारी मंत्री श्री मदन दिलावर की उपस्थिति में ऐतिहासिक योग आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर सांसद सीपी जोशी के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, जबकि करौली के श्रीमहावीरजी मंदिर परिसर में राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढम ने योगाभ्यास किया।
राज्यपाल ने भी दिलाया योग का संकल्प
जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने स्वयं योग क्रियाएं कर आमजन को संकल्प दिलवाया और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इसी तरह हनुमानगढ़ के ऐतिहासिक भटनेर दुर्ग, कालीबंगा और गोगामेड़ी समाधि स्थल जैसे स्थानों पर भी जन सहभागिता के साथ योग कार्यक्रम आयोजित हुए।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग का वैश्विक विस्तार
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक मंच मिला है। 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव रखे जाने के बाद से यह आयोजन न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व का पर्व बन गया है। श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आध्यात्मिक शक्ति का पुनः जागरण हुआ है। राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल महालोक जैसी परियोजनाएं इसी दिशा में कदम हैं। इसी प्रेरणा से राजस्थान सरकार भी रामदेवरा और तनोट माता सहित कई धार्मिक स्थलों के विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
योगः ‘मैं’ से ‘हम’ की ओर
इस ऐतिहासिक आयोजन ने सिद्ध कर दिया है कि योग अब केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बन चुका है। जो व्यक्ति को ‘मैं’ से ‘हम’ की ओर ले जाता है।
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