राजस्थान

Jaipur: सरकारी पेंशन योजना पर सख्ती, लाखों लोगों की पेंशन पर तलवार लटकी

Admindelhi1
11 April 2025 2:50 PM IST
Jaipur: सरकारी पेंशन योजना पर सख्ती, लाखों लोगों की पेंशन पर तलवार लटकी
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जयपुर: राजस्थान में सामाजिक पेंशन प्राप्त कर रहे लाखों लाभार्थियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब उन पेंशनधारियों की पहचान करने की प्रक्रिया में जुट गई है, जो तय मानकों से अधिक आय या खर्च कर रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा तैयार किए गए एक प्रस्ताव के अनुसार, अब बिजली के बिलों के आधार पर पेंशन रोकी जा सकती है।

इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल उन्हीं पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिले, जो वास्तव में इसकी आवश्यकता रखते हैं। विभाग का मानना है कि कई ऐसे लाभार्थी भी इस योजना का लाभ ले रहे हैं, जिनकी वास्तविक आय सरकार द्वारा तय की गई पात्रता सीमा से अधिक है।

सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव में यह व्यवस्था की जा रही है कि जिन लाभार्थियों के बिजली के मासिक बिल एक निश्चित सीमा से अधिक हैं, उन्हें "अपात्र" की श्रेणी में रखा जाएगा। विभाग का मानना है कि जो व्यक्ति हर महीने 1,000 से 2,000 रुपए या उससे अधिक का बिजली बिल चुका रहे हैं, उनकी आय अपेक्षाकृत अधिक मानी जा सकती है। ऐसी स्थिति में उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने का औचित्य नहीं बनता।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेंशन योजना का सही लाभ जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में जिन लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी है, लेकिन फिर भी वे पेंशन ले रहे हैं, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए राज्यभर में पेंशनधारियों का डेटा बिजली वितरण निगमों से जोड़ा जाएगा। जिन लाभार्थियों के बिजली बिल लगातार उच्च स्तर पर हैं, उन्हें नोटिस भेजकर उनकी पात्रता की दोबारा जांच की जाएगी। जांच में अगर यह साबित होता है कि लाभार्थी अपात्र है, तो उसकी पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी जाएगी।

हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ बिजली बिल के आधार पर किसी की आर्थिक स्थिति का आंकलन करना पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि कई बार अन्य कारणों से भी बिजली का खर्च बढ़ सकता है।

फिलहाल यह प्रस्ताव अभी क्रियान्वयन की प्रक्रिया में है, लेकिन अगर इसे मंजूरी मिलती है तो राज्य में सामाजिक पेंशन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे न केवल अपात्र लाभार्थियों की छंटनी होगी, बल्कि योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता भी बढ़ेगी।

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