राजस्थान

Jaipur: पशुपालन विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

Tara Tandi
16 Oct 2025 6:54 PM IST
Jaipur: पशुपालन विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
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Jaipur जयपुर । शासन सचिव पशुपालन, गोपालन और मत्स्य डॉ.समित शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, एएमएस और के पी आई आधारित ग्रेडिंग प्रणाली सहित अन्य विषयों की प्रगति की समीक्षा बैठक शासन सचिवालय में आयोजित हुई। बैठक में पशुपालन, गोपालन और डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
इस अवसर पर श्री कुमावत ने सभी को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने हमारे विभाग को सुदृढ़ करने के लिए हमारी मांगों को वरीयता देते हुए उसे पूरा किया जिससे हमारे विभाग में मैन पावर की जो कमी थी वह काफी हद तक पूरी हो गई। इसी तरह विभिन्न स्तर के पशु चिकित्सा संस्थान भी नए खोले गए। उन्होंने कहा कि लंपी धीरे—धीरे कई जिलों में फैला है पर हमारे विभाग ने सावधानी बरतते हुए पहले से ही योजनबद्ध तरीके से इस पर काबू पा लिया। फिर भी हमें सचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने जैसलमेर जिले में सर्रा रोग का जिक्र करते हुए निर्देश दिया कि वहां बीमारी को आगे फैलने से रोकने के प्रयास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दवाइयों की भरपूर उपलब्धता विभाग सुनिश्चित करें और मौसमी बीमारियों की रोकथाम की भी पूरी तैयारी हो। विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि 2030 तक मुंहपका खुरपका रोग के पूर्ण नियंत्रण के मुख्यमंत्री के लक्ष्य को पूरा करने में पूरी ईमानदारी ओर प्रतिबद्धता से काम करें।
बैठक में शासन सचिव ने प्रदेश में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविरों में पशुपालन विभाग की प्रगति के विषय में विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि इन सेवा शिविरों में अब तक 6 लाख 80 हजार 113 पशुपालकों के कुल 61 लाख 75 हजार 653 पशुओं को विभिन्न सेवाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा चुका है। इसके अलावा 2 लाख 9 हजार 425 पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए मंगला पशु बीमा प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया और टीकाकरण अभियान, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, मोबाइल वेटरिनरी यूनिट और कॉल सेंटर तथा चैटबॉट, सेक्स सॉर्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान आदि योजनाओं का प्रचार प्रसार भी किया गया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 बजट घोषणा 121 के अनुसार मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रत्येक श्रेणी में पशुपालकों की संख्या को दोगुना कर योजना पर 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय किया जाना है। 10-10 लाख गाय, भैंस, 10-10 लाख भेड़, बकरी तथा 2 लाख ऊटों सहित कुल 42 लाख पशुओं का बीमा किया जाना है। इन पशुओं में 21 लाख पशु वित्तीय वर्ष 2024-25 के सम्मिलित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछले साल के अनुभवों से सबक लेते हुए इस वर्ष बीमा का कार्य एक ही चरण में किया जाएगा जिससे समय और मैन पावर की तो बचत होगी ही साथ ही पशुपालकों को बीमा का लाभ भी समय से मिल सकेगा। पशुपालकों के चयन के लिए लॉटरी प्रक्रिया भी इस बार हटा दी गई है। इस बार पशुपालकों का चयन पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने नवीन पशु चिकित्सा संस्थाओं हेतु पट्टों की उपलब्धता की प्रगति पर भी संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला कलक्टर्स से मिलकर इस संबंध में काम को और गति दें। उल्लेखनीय है कि 952 पट्टों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 835 भवनों के लिए जमीन के पट्टे प्राप्त हो चुके हैं जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।
सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक के उपयोग की समीक्षा करते हुए डॉ.समित शर्मा ने कहा कि यह तकनीक विभाग और राजस्थान के आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से इस तकनीक के उपयोग की अब तक की प्रगति की जानकारी ली और इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए शासन सचिव ने इसके प्रति उदासीनता के कारण का पता लगाते हुए इसकी सघन मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश दिए और जल्द से जल्द इसकी संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशुधन निरीक्षक को प्रशिक्षण की आवश्यकता बताते हुए अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए। एफएमडी टीकाकरण के लिए डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए शत प्रतिशत टीकाकरण कर उनका इन्द्राज पशुधन एप पर करवाने के निर्देश दिए।
डॉ. शर्मा ने संस्थाओं के मुख्य निष्पादन संकेतक (केपीआई) आधारित 100 अंकों की रैंकिंग प्रणाली की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पशु चिकित्सा संस्थानों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। शासन सचिव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनकी सराहना करते हुए अन्य चिकित्सकों को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी।
बैठक में संयुक्त शासन सचिव श्री दिनेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि हमें विभाग को उंचाई पर ले जाने के लिए समय प्रबंधन, टीम वर्क, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा।
इस राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में पशुपालन निदेशक तथा आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आनंद सेजरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संभाग के अतिरिक्त निदेशक, जिलों के संयुक्त निदेशक सहित वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
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