Jaipur: राज्य सरकार ने लागू किया बाल श्रम कानून में संशोधन

जयपुर: राजस्थान में नाबालिगों से काम कराने को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए नया कानून लागू कर दिया है। अब दुकान, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक संस्थानों में काम करने की न्यूनतम उम्र 12 साल से बढ़ाकर 14 साल कर दी गई है। इसके साथ ही 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोर–किशोरियों से रात की पारी में काम नहीं कराया जा सकेगा। यह नियम पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। राजस्थान दुकान एवं वाणिज्य संस्थान (संशोधन) अध्यादेश–2025 को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। विधि एवं विधिक कार्य विभाग के सचिव सुरेश चंद बंसल के आदेश से इसे लागू किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा डेढ़ महीने पहले इस अध्यादेश का अनुमोदन किया जा चुका था। सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में विधानसभा सत्र नहीं चलने और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को देखते हुए संविधान में प्रदत्त शक्तियों के तहत अध्यादेश लाया गया। राज्यपाल से बुधवार को मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार को इसे प्रभावी कर दिया गया।
नए प्रावधानों के अनुसार, अब 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोर–किशोरियां प्रतिदिन अधिकतम तीन घंटे ही काम कर सकेंगे। पहले यह सीमा 12 से 15 वर्ष के लिए निर्धारित थी। वहीं, कर्मचारियों के कार्य समय को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब किसी प्रतिष्ठान में छह घंटे काम के बाद आधे घंटे का विश्राम देना अनिवार्य होगा, जबकि पहले यह सीमा पांच घंटे थी।
इसके अलावा, नए अध्यादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोर–किशोरियों को रात की पारी में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि यह संशोधन किशोर श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।





