राजस्थान

Jaipur: छात्रावासों में खाद्य सामग्री की खरीद पर विशेष समीक्षा

Admindelhi1
19 Feb 2026 1:22 PM IST
Jaipur: छात्रावासों में खाद्य सामग्री की खरीद पर विशेष समीक्षा
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जयपुर: जनजातीय क्षेत्रीय छात्रावासों में खाद्य सामग्री खरीद में अनियमितताओं के आरोपों पर राज्य सरकार ने जांच के निर्देश दिए हैं। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बुधवार को विधानसभा में आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह बामणिया के पूरक प्रश्नों के जवाब में मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। इसमें वित्त सलाहकार, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, लेखाधिकारी एवं सहायक लेखाधिकारी को शामिल किया गया है। मंत्री ने कहा कि विभाग ने छात्रावासों को सहकारिता उपभोक्ता भंडार से खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए थे, लेकिन उपभोक्ता भंडार द्वारा दो माह बाद राशन उपलब्ध कराने में असमर्थता जताने के कारण स्थानीय स्तर पर खरीद करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई।

मंत्री ने बताया कि आश्रम छात्रावास सल्लोपाट (बांसवाड़ा) को 3.42 लाख रुपए का भुगतान किया गया है, जिसकी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम भुगतान किया जाएगा।

उन्होंने सदन को यह भी अवगत कराया कि विभागीय छात्रावासों में निर्धारित मीनू के अनुसार प्रतिदिन भोजन, नाश्ता, फल, दूध-बिस्किट और चाय उपलब्ध कराई जा रही है। अगस्त से सितंबर 2025 के बीच खाद्य सामग्री आपूर्ति से संबंधित बीजकों की प्रतियां भी सदन के पटल पर रखी गईं, जिनमें सल्लोपाट, खेडावड़लीपाड़ा (बांसवाड़ा), सुहागपुरा (प्रतापगढ़) और रघुनाथपुरा (डूंगरपुर) के छात्रावास शामिल हैं।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में खाद्य सामग्री आपूर्ति के लिए निविदाएं जारी नहीं की गई थीं। इस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि 50 हजार रुपये से अधिक की खरीद टेंडर प्रक्रिया से की जानी चाहिए, लेकिन विभाग ने नियमों की अनदेखी कर छात्रावास वार्डनों को सीधे खरीद की अनुमति दी। उन्होंने घी की खरीद दरों में भारी अंतर कहीं 800 रुपये, कहीं 550 रुपये और कहीं 408 रुपये प्रति लीटर का मुद्दा उठाते हुए गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया।

मंत्री दरों में अंतर का स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके, जिससे सदन में नोकझोंक हुई। कांग्रेस विधायकों ने बिना टेंडर प्रक्रिया के खरीद को भ्रष्टाचार बताया। मंत्री ने जवाब में कहा कि कई स्थानों पर सहकारी उपभोक्ता स्टोर उपलब्ध नहीं थे और बाजार दर से कम कीमत पर खरीद की गई। सभी बिल उपलब्ध हैं और जांच के दौरान दरों की तुलना की जाएगी।

हंगामे की स्थिति बनने पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप कर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए और पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने को कहा। उन्होंने भविष्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अंत में मंत्री खराड़ी ने सदन को आश्वस्त किया कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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