राजस्थान

Jaipur: नए आपराधिक कानूनों की वर्षगांठ पर जयपुर में विशेष प्रदर्शनी

Tara Tandi
12 Oct 2025 4:40 PM IST
Jaipur: नए आपराधिक कानूनों की वर्षगांठ पर जयपुर में विशेष प्रदर्शनी
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Jaipur जयपुर । देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में क्रान्तिकारी बदलाव लाने वाली तीन नवीन आपराधिक संहिताओं को लागू हुए एक वर्ष पूरा हो चुका है। 1 जुलाई 2024 से लागू हुए इन ऐतिहासिक कानूनों की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार दंड के स्थान पर न्याय की अपनी अवधारणा को प्रदर्शित करने के लिए जयपुर में एक आयोजन करने जा रही है। नए आपराधिक कानूनों के एक वर्ष के सकारात्मक बदलाव के लिए जयपुर एग्जीबिशन एवं कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा में 13 से 18 अक्टूबर, 2025 तक
एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण प्रदर्शनी का उद्घाटन 13 अक्टूबर, 2025 को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के कर कमलों द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार श्री भजनलाल शर्मा और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय श्री संजीव प्रकाश शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
पुलिस मुख्यालय में कर्टन रेजर—
नए आपराधिक कानून पर आयोजित होने जा रही प्रदर्शनी के शनिवार को पुलिस मुख्यालय के ऑडिटोरियम में मुख्य सचिव राजस्थान सरकार श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए सावंत और महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा की मौजूदगी में कर्टन रेजर (Curtain Raiser) कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य सचिव श्री पंत ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अनुसार नए आपराधिक कानून जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए की भावना को मजबूत करते हैं जो लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने कहा कि बरसों बाद औपनिवेशिक कानूनों में व्यापक बदलाव हुए हैं, जिसने देश को दंड की पुरानी अवधारणा से हटाकर न्याय की ओर प्रवृत्त किया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह प्रदर्शनी दिल्ली के बाद अब राजस्थान में नए कानूनों के क्रियान्वयन से आए परिवर्तनों को दर्शाएगी, जहां डेमो द्वारा विस्तृत जानकारी मुहैया कराई जाएगी।
श्री पंत ने सभी से इन नए कानूनों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने में सकारात्मक सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कानूनी बदलाव के साथ श्री पंत ने राजस्थान सरकार की विकास केंद्रित उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विगत समय में हुए 35 लाख करोड़ के एमओयू में से 7 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर आकार ले चुके हैं और इस दौरान 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग तथा 8 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में दुग्ध उत्पादकों को दूध सब्सिडी के लिए 364 करोड़ रुपयों का हस्तांतरण, 47 हजार विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म हेतु 260 करोड़ रुपये की सब्सिडी को डीबीटी के माध्यम से वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही ‘विकसित राजस्थान-2047’ कार्ययोजना का विमोचन तथा 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत रजिस्ट्रेशन का शुभारंभ किया जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) श्री भास्कर ए सावंत ने कहा कि कानून को पढ़ना और समझना कठिन कार्य है परंतु इस प्रकार की प्रदर्शनियों के माध्यम से कानून को सरल व प्रायोगिक तरीके से समझना आसान हो जाता है। उन्होंने इस कार्य में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर किया।
इस अवसर पर डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने नए कानूनों को नव विधान बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से पारदर्शिता और त्वरित न्याय प्रदायगी पर केंद्रित है। उन्होंने उल्लेख किया कि न्याय के लिए विभिन्न स्तरों पर समय सीमाएं तय की गई हैं, जिससे महिला, बच्चों और समाज के हर वर्ग को बिना किसी देरी के सुगमता से न्याय मिल सके।
उन्होंने सभी हितधारकों और आमजन से अपील की कि वे न्याय की इन महत्वपूर्ण जानकारियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि कानूनी प्रक्रिया में आया यह सकारात्मक बदलाव ज़मीनी स्तर पर महसूस किया जा सके।
आरंभ में मुख्य सचिव श्री पंत ने रिमोट का बटन क्लिक कर कर्टन रेजर कार्यक्रम का आरंभ किया। इस दौरान अतिरिक्त महानिदेशक व राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक एस. सेंगाथिर ने अतिथियों और मीडियाकर्मियों का स्वागत करते हुए प्रदर्शनी के महत्व और नए कानूनों के सकारात्मक बदलावों पर आयोजित हो रही प्रदर्शनी की विषयवस्तु पर प्रकाश डाला।
समारोह में पुलिस महानिदेशक (दूरसंचार) श्री अनिल पालीवाल, अतिरिक्त महानिदेशक अपराध श्री दिनेश एमएन सहित प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडियाकर्मी और पुलिस मुख्यालय के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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