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Jaipur: जयपुर में रामनवमी के अवसर पर विशेष आयोजन

Admindelhi1
25 March 2026 2:10 AM IST
Jaipur: जयपुर में रामनवमी के अवसर पर विशेष आयोजन
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जयपुर: चैत्र शुक्ल नवमी गुरुवार को रामनवमी भक्तिभाव से मनाई जाएगी। छोटीकाशी के राम मंदिरों राम जन्मोत्सव का उल्लास नजर आएगा। रहा है। श्रीराम मंदिरों में प्रभु श्रीराम की जन्म की खुशियां बिखरेगी। दोपहर में भगवान राम लला का जन्माभिषेक होगा। भए प्रकट कृपाला दीनदयाला... के साथ राम जन्मोत्सव का शंखनाद होगा। हवाई गर्जना के साथ जन्मोत्सव की खुशियां मनाई जाएगी। राम और हनुमान मंदिरों में दिनभर विशेष झांकी के दर्शन होंगे। गलता तीर्थ में राम कुंवर की विशेष प्रतिमा का जन्माभिषेक स्वामी अवधेशाचार्य महाराज के सान्निध्य में होगा। यहां प्रतिष्ठित भगवान राम के तीन अलग-अलग रूप और विशेषताओं वाले विग्रहों का राजोपचार पूजन किया जाएगा।

चांदपोल बाजार के मंदिर श्रीरामचन्द्रजी में राम जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। सुबह मंगला से विशेष पूजा अर्चना होगी। ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर इत्र, गुलाब, केशर, केवड़ा मिलाकर अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक के बाद विशेष शृंगार कर राम दरबार को रत्न जडि़त जरदोजी पोशाक पोशाक धारण करवाई जाएगी। भगवान श्रीराम के साथ पूरे राम दरबार को हीरे, मोती, पन्ना, माणक, नीलम, सोना-चांदी के विशेष रजवाड़ी आभूषण धारण कराए जाएंगे। दोपहर में आरती के बाद पंजीरी और पंचामृत वितरण किया जाएगा। इस मौके पर 51 किलो मावे का केक भी काटा जाएगा। यहां मनाए जा रहे नव दिवसीय श्री राम जन्मोत्सव के तहत मंगलवार को गौरांग मंडल के तत्वावधान में हरिनाम संकीर्तन और बधाईगान हुआ। संतों-महंतों के सान्निध्य में उछाल की गई। इस मौके पर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया राम नवमी की पूर्व संध्या पर 25 मार्च को मंदिर में राज दरबार सजाया जाएगा। श्री प्रेम भाया मंडल की ओर से बधाई उत्सव मनाया गया।

श्री खोले के हनुमान मंदिर में रामनवमी पर्व पर सुबह राम जन्मोत्सव का उल्लाा नजर आएगा। सुबह श्रीरामजी का विभिन्न तीर्थों से लाए गए जल से स्नान कराकर 108 औषधियों और पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद षोडशोपचार पूजन किया जाएगा। इसके बाद फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी। दोपहर में सियारामजी की महाआरती होगी।

छोटी चौपड़ स्थित मंदिर श्री सीतारामजी में महंत नन्द किशोर के सान्निध्य में भगवान राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और भगवा पताकाओं से सजाया जाएगा। ठाकुरजी का 51 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। दोपहर को 51 हवाइयों और वेद मंत्रोच्चार के बीच पालने में प्रभु श्रीराम की जन्म आरती होगी। इसके बाद पालने में ठाकुरजी की बाल स्वरूप झांकी सजाई जाएगी और पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। शाम को ठाकुरजी की 2100 दीपकों से महाआरती कर दीपक उत्सव मनाया जाएगा और आतिशबाजी की जाएगी।

ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि पंचांग के अनुसार नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे शुरू होकर 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे समाप्त होगी। राम जन्म पूजा (मध्याह्न) का सबसे शुभ समय 26 मार्च को सुबह 11:13 से दोपहर 01:41 बजे तक रहेगा, जिसमें दोपहर 12:27 बजे का समय सर्वोत्तम है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इसी समय पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है। नवरात्रि का कन्या पूजन भी इसी दौरान किया जा सकता है।

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