राजस्थान

Jaipur: लार ग्रंथि की पथरी का बिना चीरा इलाज, एसएमएस अस्पताल ने रचा नया कीर्तिमान

Admindelhi1
24 Aug 2026 10:03 AM IST
Jaipur: लार ग्रंथि की पथरी का बिना चीरा इलाज, एसएमएस अस्पताल ने रचा नया कीर्तिमान
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साइलो-एंडोस्कोपिक तकनीक से सफल ऑपरेशन, लार ग्रंथि की पथरी बिना चीरे निकाली

जयपुर: सवाई मानसिंह अस्पताल के ईएनटी विभाग में पहली बार साइलो-एंडोस्कोपिक तकनीक से लार ग्रंथियों का ऑपरेशन किया गया। सरकारी स्तर पर राजस्थान में इस तकनीक से यह पहला ऑपरेशन बताया गया है। खास बात यह रही कि दोनों मरीजों के चेहरे और गर्दन पर बिना चीरा लगाए मुंह के अंदर से ही उपचार किया गया।

ईएनटी विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. पवन सिंघल ने रेवाड़ी निवासी 28 वर्षीय शिव कुमार की सबमंडीबुलर ग्रंथि की पथरी तथा झुंझुनूं निवासी 13 वर्षीय फैजान की पैरोटिड ग्रंथि के स्टेनोसिस का साइलो-एंडोस्कोपी के माध्यम से सफल उपचार किया। प्राकृतिक छिद्र के जरिए छोटी दूरबीन डालकर लार ग्रंथि की समस्या का उपचार किया गया।

डॉ. सिंघल ने बताया कि पारंपरिक लार ग्रंथि ऑपरेशन में चेहरे पर चीरा लगाने के कारण निशान, चेहरे की विकृति या नसों पर असर पड़ने जैसी आशंकाएं रहती हैं। साइलो-एंडोस्कोपिक तकनीक में बाहरी चीरा नहीं लगाया जाता, जिससे इन जटिलताओं का खतरा काफी कम हो जाता है। ऑपरेशन के बाद दोनों मरीज स्वस्थ हैं और उन्हें दर्द या किसी तरह का बाहरी निशान नहीं है।

उन्होंने बताया कि इस तकनीक में एंडोस्कोप को लार ग्रंथि के प्राकृतिक छिद्र के रास्ते अंदर पहुंचाकर समस्या की पहचान और उपचार किया जाता है। यह कम चीरे वाली आधुनिक तकनीक है, जिससे मरीज को अपेक्षाकृत कम परेशानी होती है।

दोनों मरीजों का उपचार राजस्थान सरकार की मां योजना के अंतर्गत निशुल्क किया गया। ऑपरेशन में ईएनटी विभाग के डॉ. पंकज गर्ग, डॉ. आंचल अग्रवाल, डॉ. सिद्धार्थ सिकरवाल और डॉ. इशिता बंसल ने सहयोग किया। निश्चेतन विभाग की डॉ. सोनाली बेनीवाल व डॉ. महिपाल तथा नर्सिंग ऑफिसर संदीप और दीपिका भी टीम में शामिल रहे।

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