राजस्थान
Jaipur: ड्रग नेटवर्क में किराए की गाड़ियों का इस्तेमाल, गैंग का भंडाफोड़
Tara Tandi
11 April 2025 1:50 PM IST

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Jaipur जयपुर: करधनी थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) जयपुर पश्चिम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक गैंग का पर्दाफाश किया है, जो किराए पर गाड़ियां लेकर उन्हें नशा तस्करों को बेचता था। मामले में गैंग के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से किराए पर ली गई एक स्कॉर्पियो और थार जीप बरामद की गई है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा अजमेर जेल से योजना बनाकर गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करना सामने आया है। पुलिस पूछताछ कर गैंग के फरार साथियों की जानकारी जुटा रही है। डीसीपी जयपुर पश्चिम अमित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मनीष यादव, रामलाल, अंशु सिंह, कर्मवीर सिंह उर्फ मोनू बन्ना और विजय कुमार उर्फ बिज्जु साहवा शामिल हैं। इनमें से विजय कुमार के खिलाफ 11 और अंशु सिंह के खिलाफ 6 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
जानकारी के अनुसार 9 मार्च को राजेंद्र सिंह ने करधनी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका परिचित रवि गुर्जर उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी किसी काम के लिए लेकर गया था। रवि गुर्जर ने मोहित सोनी और संदीप यादव को शादी में जाने के लिए गाड़ी दी, लेकिन उन्होंने गाड़ी वापस नहीं की। बाद में गाड़ी का जीपीएस बंद मिलने पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद की गई जांच में सामने आया कि मोहित सोनी ने स्कॉर्पियो और थार मनीष यादव को किराए पर दी थी।
पुलिस ने सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना के आधार पर मनीष यादव को धरदबोचा, जिसके बाद पूछताछ में पता चला कि मनीष की मुलाकात अलवर जेल में बंद जयंत यादव से हुई थी, जिसने उसे जयपुर में फर्जी आईडी से गाड़ियां किराए पर लेने की योजना बताई थी। इसी के चलते मनीष यादव ने थार और स्कॉर्पियो जयपुर से किराए पर ली और सीकर के पास अंशु सिंह व कर्मवीर सिंह को सौंप दी। पुलिस ने उन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में अंशु सिंह ने खुलासा किया कि जेल में जयंत से जान-पहचान के बाद उसने फर्जी आईडी से गाड़ियां लेकर बेचने की योजना बनाई थी।
जयंत के निर्देश पर दोनों गाड़ियां विजय साहवा को क्रमशः 1.90 लाख व 2.90 लाख रुपये में बेची गईं। इस रकम में से 3.90 लाख रुपये जयंत के लोगों को दे दिए गए। पुलिस ने विजय साहवा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से स्कॉर्पियो और रामलाल से बरामद थार जीप को जब्त किया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विजय साहवा इन गाड़ियों को नशा तस्करों को ऊंचे दाम पर डिलीवर करता था। गाड़ियों की बिक्री से मिले पैसे गैंग के सदस्य आपस में बांटते थे। अब पुलिस को इस गैंग से जुड़े और भी कई मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है।
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