राजस्थान

Jaipur: सेवा पखवाड़ा में रिकॉर्ड निक्षय पोषण किट वितरण

Tara Tandi
21 Sept 2025 4:39 PM IST
Jaipur: सेवा पखवाड़ा में रिकॉर्ड निक्षय पोषण किट वितरण
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Jaipur जयपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गांव, गरीब एवं जरूरतमंद को सरकारी योजना का भरपूर लाभ देने के उद्देश्य से आयोजित सेवा पखवाड़ा में राजस्थान निरंतर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन एवं चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिं​ह खींवसर के निर्देशन में प्रदेश में आयोजित ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत शनिवार को राज्यव्यापी 'निक्षय किट वितरण’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 35,439 निक्षय पोषण किट्स टीबी रोगियों को वितरित की गईं, जिससे उनके उपचार एवं पोषण को मजबूती मिलेगी।
बांसवाड़ा में मुख्यमंत्री का अवलोकन-
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शनिवार को बांसवाड़ा में आयोजित शिविर का अवलोकन किया। शिविर में चिकित्सा विभाग की ओर से मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना एवं टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान जिले में 523 पोषण किट्स का वितरण किया गया तथा मां योजना के लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉल का निरीक्षण किया। शिविर के दौरान राज्य नोडल अधिकारी डॉ. एसएन धौलपुनिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि टीबी स्क्रीनिंग में राजस्थान पूरे देश में दूसरे स्थान पर है और बांसवाड़ा प्रथम स्थान पर है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि राजस्थान टीबी मुक्त भारत ​अभियान की दिशा में लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। इस दिशा में सेवा पखवाड़ा के तहत शनिवार को आयोजित निक्षण पोषण किट कार्यक्रम में भी राजस्थान ने एक ही दिन में 35 हजार से ज्यादा किट का वितरण कर टीबी मुक्ति की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दशाई है।
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि सेवा पखवाड़ा के दौरान सबसे अधिक किट वितरण अलवर (2,937), धौलपुर (2,394), भीलवाड़ा (2,307), सीकर (2,266) तथा सवाई माधोपुर (2,094) में किया गया। इसी प्रकार सभी जिलों में निक्षण पोषण किट का वितरण कर टीबी रोगियों को सहयोग प्रदान किया गया।
राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी ने बताया कि निक्षय मित्र पहल की शुरुआत टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वर्ष 2022 में की गई थी, जिसका उद्देश्य टीबी रोगियों को उनके उपचार काल में पोषण एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना है। समाज के विभिन्न वर्ग जैसे जनप्रतिनिधि, संस्थान, व्यापारी, स्वयंसेवी संगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ता टीबी रोगियों को गोद लेकर पोषण सहायता प्रदान कर सकते हैं। ऐसे सहयोगियों को निक्षय मित्र कहा जाता है। यह पहल समाज और सरकार की साझेदारी का अद्भुत उदाहरण है।
टीबी मुक्ति की दिशा में राजस्थान के कदम -
निक्षय मित्रों के सहयोग से राज्य में वर्ष 2022 से अब तक 55,000 से अधिक निक्षय मित्र बनाए जा चुके हैं। इनके द्वारा 3 लाख से अधिक टीबी रोगियों को अब तक पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह सहायता न्यूनतम एक माह और अधिकतम उपचार अवधि (6 माह) तक दी जाती है। टीबी रोगियों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने में राजस्थान पूरे भारत में चौथे स्थान पर तथा निक्षय मित्र बनाने में दूसरे स्थान पर है। राजस्थान सरकार ने टीबी उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजना का लाभ निरंतर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
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