राजस्थान

Jaipur: जनमानस को सुगम न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता -विधि एवं विधिक संसदीय कार्य मंत्री

Tara Tandi
25 March 2025 3:57 PM IST
Jaipur: जनमानस को सुगम न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता -विधि एवं विधिक संसदीय कार्य मंत्री
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Jaipur जयपुर । विधि एवं विधिक संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य सरकार जनसामान्य तक विधि प्रणालियों को अधिक सुगमता से पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। हमारी सरकार विधियों में सुधार करने के साथ अप्रचलित और अनावश्यक को निरस्त करने की दिशा में आगे बढ़ी है। इससे जनमानस को लाभ मिलेगा और न्याय सुगमता से मिलेगा।
श्री पटेल सोमवार को विधान सभा में राजस्थान विधियां निरसन विधेयक, 2025 पर चर्चा के बाद जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व से ही असम्बद्ध व अप्रचलित विधियों को हटाने के कार्य किए जाते रहे हैं। इस बार भी विभिन्न विभागों से जानकारी जुटाकर सक्षम स्तर से अनुमोदन कराते हुए विधि विभाग ने विधेयक का प्रारूप तैयार किया था। इसके बाद ही विधेयक के जरिए 45 विधियों को हटाया जा रहा है।
विधि एवं विधिक संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि इस विधेयक के जरिए राजस्थान सूचना का अधिकार (निरसन) अधिनियम, 2006 को भी हटाया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में केंद्र सरकार की विधियों के अनुरूप ही ‘सूचना का अधिकार‘ प्रभावी है। ऐसे में राजस्थान में यह अधिनियम न्याय संगत नहीं है।
श्री पटेल ने बताया कि राजस्थान विधान सभा में पहले भी अप्रचलित विधियां निरस्त की गई हैं। इनमें वर्ष 1954 में 31, वर्ष 1962 में 221, वर्ष 1997 में 303, वर्ष 2015 में 248 और वर्ष 2023 में 123 विधियां हटाई गई थीं। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गनर्वेंस‘ अनुरूप देश में चहुमुंखी प्रगति सुनिश्चित की जा रही है। इस अनुसार लॉ कमीशन बना और इसी के जरिए 1 हजार 600 कानून रिपील किए गए।
विधि एवं विधिक संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि इस बिल में पंचायती राज के 37, स्वायत्त शासन के 5, प्रशासनिक सुधार विभाग, कृषि विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के 1 निरसन किए गए हैं। चर्चा के बाद सदन ने राजस्थान विधियां निरसन विधेयक, 2025 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
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