राजस्थान

Jaipur: अब फेल होने पर भी नहीं रुकेगी पढ़ाई

Admindelhi1
5 April 2025 12:37 PM IST
Jaipur: अब फेल होने पर भी नहीं रुकेगी पढ़ाई
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'ऑन डिमांड एग्जाम' शुरू करने की तैयारी

जयपुर: राजस्थान के स्कूली छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के शिक्षा विभाग ने अब बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने वाले छात्रों के लिए ‘ऑन डिमांड एग्जाम’ (On Demand Exam) की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद अब 10वीं और 12वीं कक्षा में असफल होने पर भी छात्रों का पूरा साल खराब नहीं होगा। वे कुछ ही दिनों में दोबारा परीक्षा देकर अपना भविष्य संवार सकेंगे।

राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला और छात्र हितैषी बनाना है। अब तक की व्यवस्था में यदि कोई छात्र 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में असफल हो जाता था, तो उसे पूरे एक वर्ष तक अगली परीक्षा का इंतजार करना पड़ता था। इससे ना सिर्फ छात्र का मनोबल टूटता था, बल्कि उसका एक कीमती साल भी व्यर्थ चला जाता था। लेकिन अब शिक्षा विभाग के इस नए कॉन्सेप्ट से छात्रों को एक और मौका तुरंत मिलेगा और वे बिना साल गंवाए आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

‘ऑन डिमांड एग्जाम’ व्यवस्था के तहत जो छात्र बोर्ड परीक्षा में फेल हो जाते हैं, वे कुछ ही हफ्तों में दोबारा परीक्षा देने के पात्र होंगे। इस परीक्षा का आयोजन नियमित परीक्षा के ठीक बाद किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस विशेष परीक्षा का परिणाम भी बहुत ही कम समय में जारी कर दिया जाएगा, ताकि छात्र बिना किसी देरी के अगली कक्षा में प्रवेश ले सकें।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का पूरा ढांचा जल्द ही तैयार कर लिया जाएगा और इसे नए सत्र से लागू करने की दिशा में काम हो रहा है। परीक्षा प्रक्रिया, आवेदन तिथि, और परिणामों की घोषणा के बारे में विस्तृत दिशानिर्देश भी शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।

इस पहल से उन छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा जो किन्हीं कारणों से परीक्षा के समय अच्छी तैयारी नहीं कर पाए या अनहोनी परिस्थितियों की वजह से असफल हो गए। इससे उनमें दोबारा मेहनत करने का उत्साह बढ़ेगा और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राजस्थान की शिक्षा प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। यह न सिर्फ छात्रों को मानसिक तनाव से मुक्त करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बनाएगा।

इस कदम से शिक्षा को ‘एक अवसर’ की बजाय ‘अवसरों की निरंतर प्रक्रिया’ माना जाएगा। ऐसे में अब फेल होने का मतलब साल खराब होना नहीं, बल्कि सीखकर आगे बढ़ने का एक और मौका मिलेगा। राजस्थान सरकार की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है।

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