राजस्थान

Jaipur: साइबर फ्रॉड मामलों में नई व्यवस्था, राजस्थान पुलिस का जीआरएम मॉड्यूल शुरू

Admindelhi1
19 May 2026 12:23 PM IST
Jaipur: साइबर फ्रॉड मामलों में नई व्यवस्था, राजस्थान पुलिस का जीआरएम मॉड्यूल शुरू
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जयपुर: साइबर ठगी के मामलों में जांच के दौरान फ्रीज या लियन किए गए बैंक खातों से परेशान आमजन को अब राहत मिलने जा रही है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा विकसित जीआरएम (ग्रिवेंस रिड्रेसल मैनेजमेंट) मॉड्यूल अब खाताधारकों के लिए पारदर्शी और प्रभावी समाधान बनकर सामने आया है। इसके जरिए बैंक खाते अनफ्रीज कराने और शिकायत निवारण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत देने के उद्देश्य से यह प्रणाली लागू की गई है। पहले खाताधारकों को बैंक, पुलिस और विभिन्न कार्यालयों के लगातार चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया जवाबदेही के साथ ऑनलाइन संचालित होगी। उन्होंने बताया कि जीआरएम मॉड्यूल नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत कार्य करता है। इसका उद्देश्य साइबर जांच के दौरान फ्रीज या होल्ड किए गए खातों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक खाताधारकों को राहत प्रदान करना है।

प्रक्रिया के तहत खाताधारक सबसे पहले अपनी बैंक शाखा में जाकर खाते को अनफ्रीज कराने या लियन हटाने के लिए आवेदन करेगा। इसके बाद बैंक संबंधित व्यक्ति की केवाईसी और ट्रांजेक्शन का सत्यापन कर जीआरएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करेगा और एक ग्रीवेंस आईडी जनरेट की जाएगी। मामला संबंधित थाना पुलिस जांच अधिकारी को भेजा जाएगा, जहां ट्रांजेक्शन ट्रेल और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खाताधारक का पक्ष भी सुना जाएगा। जांच पूरी होने के बाद पुलिस अधिकारी खाते को अनफ्रीज करने, लियन हटाने अथवा शिकायत खारिज करने का निर्णय लेकर बैंक को सूचित करेगा। यदि थाना स्तर पर शिकायत खारिज होती है तो खाताधारक जिला एवं राज्य स्तर के ग्रीवेंस रिड्रेसल ऑफिसर के समक्ष अपील भी कर सकेगा।

राजस्थान पुलिस ने बताया कि जीआरएम प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और बैंक दोनों स्तरों पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। पुलिस स्तर पर राज्य में डीआईजी, जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/डीएसपी और थाना स्तर पर जांच अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि बैंक स्तर पर नेशनल नोडल ऑफिसर, स्टेट ग्रीवेंस ऑफिसर और ब्रांच ग्रीवेंस ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, ओटीपी और निजी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति का बैंक खाता अचानक फ्रीज हो जाता है और वह स्वयं को निर्दोष मानता है तो तत्काल अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर जीआरएम प्रक्रिया शुरू करवाए।

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